रायपुर के रवि भवन में व्यापारियों के उत्पीड़न और अवैध वसूली का आरोप, कांग्रेस ने प्रशासन पर उठाए सवाल
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने रायपुर के रवि भवन में व्यापारियों से मेंटेनेंस और बिजली के नाम पर कथित अधिक वसूली, बिजली कनेक्शन काटने की धमकी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर भाजपा सरकार तथा प्रशासन पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने नगर निगम, रेरा और बिजली विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए 48 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र रवि भवन में व्यापारियों के कथित उत्पीड़न, बिजली बिल और मेंटेनेंस के नाम पर अधिक वसूली तथा बुनियादी सुविधाओं की कमी का मामला सामने आया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रवि भवन में व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है और शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
मेंटेनेंस और बिजली के नाम पर अधिक वसूली का आरोप
सत्यप्रकाश सिंह ने 9 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में कहा कि रवि भवन मध्य भारत के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक और व्यापारिक केंद्रों में शामिल है, लेकिन यहां व्यापारी साफ-सफाई, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि व्यापारियों से मेंटेनेंस और बिजली के नाम पर मनमानी राशि वसूली जा रही है। विरोध करने पर बिजली कनेक्शन काटने की धमकी दिए जाने की बात भी कही गई है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम, रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और बिजली विभाग की निष्क्रियता के कारण व्यापारियों की समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकारी बिजली कंपनी सीजीपीडीसीएल से अधिक कीमत वसूलने का अधिकार बिल्डर को किस नियम के तहत मिला है। हालांकि, इन आरोपों और वसूली की वैधता की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ने का दावा
सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार, रवि भवन में सैकड़ों छोटे-बड़े व्यापारी कारोबार करते हैं। सुविधाओं की कमी और विवादों के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने तथा व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होने का दावा किया गया है। कांग्रेस ने कहा कि व्यापारी स्वयं को असहाय महसूस कर रहे हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन को आगे आना चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और सुशासन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र में ही व्यापारियों को सुविधाएं और सुरक्षा नहीं मिलना चिंताजनक है। उन्होंने संबंधित विभागों से बिजली बिल की व्यवस्था, मेंटेनेंस शुल्क और व्यापारियों की शिकायतों की जांच करने की मांग की।
प्रशासन और सरकार से कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने नगर निगम और रेरा की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूछा कि रवि भवन के व्यापारियों की समस्याओं का समाधान अब तक क्यों नहीं हुआ। पार्टी ने बिजली विभाग से भी स्पष्ट करने की मांग की कि व्यापारियों से बिजली के नाम पर राशि वसूलने की प्रक्रिया किन नियमों के तहत संचालित हो रही है।
सत्यप्रकाश सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर कथित अवैध वसूली पर रोक लगाने और व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए कार्रवाई नहीं की गई, तो इस मामले को लेकर सरकार और संबंधित मंत्रियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई जाएगी।
कांग्रेस ने रवि भवन के व्यापारियों को राहत देने, बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फिलहाल, कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित बिल्डर, नगर निगम, रेरा और बिजली विभाग का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।