पुलिस की कार्रवाई के संबंध में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, आनंद कुकरेजा से 25 करोड़ रुपये की कथित रंगदारी मांगने और धमकी देने के मामले में शोएब ढेबर को गिरफ्तार या हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। कुछ रिपोर्टों में एक होटल कर्मचारी समेत अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी की भी जानकारी दी गई है। पुलिस मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल, सिम और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
AAP के रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अजीम खान ने आरोप लगाया कि यह मामला कांग्रेस के भीतर चल रही कथित राजनीतिक गुटबाजी से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं के बीच आपसी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते इस तरह की घटनाओं की आशंका सामने आ रही है। हालांकि, ये आरोप आम आदमी पार्टी की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं और पुलिस जांच से इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
AAP रायपुर जिलाध्यक्ष नवनीत नन्दे ने भी मामले को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के नेताओं को जनता से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर आपसी विवाद और गुटबाजी का असर राजनीतिक गतिविधियों पर दिखाई दे रहा है। AAP ने पुलिस से पूरे मामले की गहन जांच कर घटना के पीछे शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट करने की मांग की है।
मामले की पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कथित धमकी के लिए वास्तव में किसी संगठित गैंग का संबंध था या गैंग के नाम का इस्तेमाल कर रंगदारी मांगने की कोशिश की गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, जांच एजेंसियां कॉल डिटेल, डिजिटल इनपुट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
रंगदारी मामले में पूर्व रायपुर महापौर एजाज ढेबर से जुड़े एक अलग कथित धमकी प्रकरण की कड़ी भी पुलिस जांच के दायरे में होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस दोनों मामलों के बीच किसी संभावित संबंध की जांच कर रही है।
AAP ने मांग की है कि जांच को किसी भी राजनीतिक प्रभाव से अलग रखते हुए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि पुलिस को मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र से जुड़े इस रंगदारी और धमकी मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही कथित साजिश, आरोपियों की भूमिका और किसी राजनीतिक कनेक्शन को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।