पुत्तरा में सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे से ग्रामीण परेशान, अतिक्रमण हटाने तहसीलदार से लगाई गुहार
छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा क्षेत्र के ग्राम पुत्तरा में खसरा नंबर 105 के सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण से ग्रामीण परेशान हैं। आवागमन और कृषि कार्य में हो रही परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपकर रास्ते का सीमांकन कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने अमरवाड़ा थाने में भी शिकायत देकर जल्द कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l अमरवाड़ा ग्राम पुत्तरा में सार्वजनिक आवागमन के रास्ते पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। रास्ता बंद होने से परेशान ग्रामीणों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और आवागमन बहाल कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर कब्जे के कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ कृषि कार्यों में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जल्द उचित कार्रवाई करने की अपील की है।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में खसरा नंबर 105 पर दर्ज सार्वजनिक रास्ते को कुछ किसानों द्वारा कथित रूप से कब्जा कर बंद कर दिया गया है। इससे रास्ते का उपयोग करने वाले ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ता बंद होने के कारण उन्हें अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि संबंधी गतिविधियों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। खासकर ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों को खेतों तक लाने-ले जाने में परेशानी बढ़ गई है, जिससे खेती-किसानी से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सार्वजनिक रास्ते का उपयोग कई लोगों द्वारा आवागमन के लिए किया जाता है। ऐसे में रास्ते पर किसी भी प्रकार का अवरोध ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, रास्ते का विधिवत सीमांकन कराया जाए और यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो नियमानुसार उसे हटाया जाए।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को आवेदन सौंपकर प्रशासन का ध्यान समस्या की ओर आकर्षित किया है। उन्होंने मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर रास्ते की स्थिति का निरीक्षण करे और सार्वजनिक आवागमन में आ रही बाधा को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बहाल होने से गांव के लोगों को राहत मिलेगी और कृषि कार्यों में आ रही परेशानियां भी कम होंगी।
वहीं, ग्रामीणों और किसानों ने सामूहिक रूप से अमरवाड़ा थाना पहुंचकर भी शिकायत आवेदन दिया है। उन्होंने पुलिस से मामले पर संज्ञान लेकर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का समाधान समय रहते होना जरूरी है, ताकि रास्ते को लेकर विवाद की स्थिति न बढ़े और सभी लोग निर्बाध रूप से आवागमन कर सकें।
अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। उनकी प्रमुख मांग है कि सार्वजनिक रास्ते की वास्तविक स्थिति का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए, आवश्यक सीमांकन कराया जाए और नियमों के अनुरूप अतिक्रमण हटाकर आवागमन सुचारु किया जाए। फिलहाल, मामले में प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।