राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आगमन की तैयारी तेज, सर्व उड़िया समाज की बैठक में बनी रणनीति
रायपुर के श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में छत्तीसगढ़ सर्व उड़िया समाज की बैठक आयोजित की गई। बैठक में 22 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के छत्तीसगढ़ आगमन और नुआखाई पर्व पर प्रस्तावित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा हुई। रायपुर उत्तर के विधायक और समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुरन्दर मिश्रा ने समाजजनों से आपसी समन्वय, अनुशासन और सामूहिक सहभागिता के साथ आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रस्तावित कार्यक्रम बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम, रायपुर में आयोजित होना है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगामी 22 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आगमन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में 11 अक्टूबर को रायपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर परिसर में छत्तीसगढ़ सर्व उड़िया समाज की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रपति के प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा, स्वागत की तैयारियों और आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों के साथ चर्चा की गई।
बैठक को रायपुर उत्तर के विधायक एवं छत्तीसगढ़ सर्व उड़िया समाज के प्रदेश अध्यक्ष पुरन्दर मिश्रा ने संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ आगमन को समाज के लिए गौरव, सम्मान और प्रेरणा का अवसर बताया। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 22 अक्टूबर को रायपुर के बलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम में नुआखाई पर्व के अवसर पर सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
नुआखाई पर्व ओड़िया संस्कृति की पहचान
पुरन्दर मिश्रा ने कहा कि नुआखाई पर्व ओड़िया समाज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, कृषि संस्कृति, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। ऐसे अवसर पर देश की राष्ट्रपति की उपस्थिति समाज के लिए हर्ष और गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जीवन संघर्ष, समर्पण, सादगी और दृढ़ संकल्प का प्रेरणादायी उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व विशेष रूप से युवाओं को शिक्षा, सामाजिक सेवा और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से अपने संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समाजजनों से सक्रिय भागीदारी की अपील
बैठक में पुरन्दर मिश्रा ने समाज के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों और युवाओं से आपसी समन्वय, अनुशासन तथा सामूहिक सहभागिता के साथ राष्ट्रपति के स्वागत और प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ में निवासरत ओड़िया समाज की सांस्कृतिक एकजुटता, सामाजिक प्रतिबद्धता और राष्ट्र के प्रति सम्मान को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
इस दौरान कार्यक्रम को गरिमामय और व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित समाजजनों ने आयोजन की सफलता के लिए सहयोग और सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
बैठक में बड़ी संख्या में समाजजन शामिल
बैठक में वकील तांडी, बसंत बाघ, पंकज जगत, देवराज महानंद, जितेन्द्र तांडी, पीयूष मिश्रा, गुननिधि मिश्रा, सत्यदेव शर्मा, गौरव कुमार, जयदेव सतपति, महेश बघेल, अनीता महानंद, सावित्री जगत, संतोष सोनी, विजय छूरा, माधुरी बघेल, पिंकी निहाल, नारायण बाघ, बिंदिया नाग, राहुल क्षत्रीय, कैलाश बेहरा, खगपति सोनी, किशोर नायक, राजू बाघ, गणेश हरपाल, त्रिलोचन तांडी, सदा बेहरा, सुमित नायक, विनोद बेहरा, भगवान दीप, दुर्योधन पंका, बीनू चौहान, ज्योति छूरा,
ईश्वरी छत्री, प्रदीप छत्री, मंगल तांडी, बंटी निहाल, सावन कुमार, राजू सोना, राहुल जगत, सागर कुमार, अंजू, रोशनी बाघ, कृष्ण कुमार महानंद, गोपाल सोना, सन्नी बाघ, राज सोना, सोनू बघेल, अमन बेहरा, सूरज सोनी, रोहन दीप, रमन तांडी और केश्री सिक्का सहित अन्य समाजजन उपस्थित रहे।
समाज की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों को लेकर सामूहिक समन्वय स्थापित करना और नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सफल बनाना रहा।