मुंगेली में राशन दुकानदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, 3 नवंबर से उचित मूल्य की दुकानें बंद रखने की चेतावनी

मुंगेली जिले के शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 3 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ ने मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से शासन को पूर्व सूचना पत्र सौंपा है। संघ के जिलाध्यक्ष लखन लाल यादव ने कमीशन वृद्धि, राशन वितरण में होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति और लंबित वित्तीय पोषण राशि के भुगतान सहित कई मांगें रखी हैं। हड़ताल से राशन वितरण प्रभावित होने और उपभोक्ताओं को परेशानी होने की आशंका है।

Nov 3, 2026 - 14:11
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मुंगेली में राशन दुकानदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान, 3 नवंबर से उचित मूल्य की दुकानें बंद रखने की चेतावनी

UNITED NEWS OF ASIA. राकेश भास्कर, मुंगेली l छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। शासकीय राशन दुकानदार एवं विक्रेता कल्याण संघ के अनुसार, 3 नवंबर 2026 से जिले सहित प्रदेशभर के उचित मूल्य दुकान संचालक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान राशन दुकानों के बंद रहने से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न लेने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कलेक्टर के माध्यम से शासन को सौंपा सूचना पत्र

संघ ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से शासन को पूर्व सूचना पत्र सौंपा है। संघ के जिलाध्यक्ष लखन लाल यादव ने बताया कि राशन विक्रेता लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को शासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना है कि लगातार काम करने के बावजूद उचित पारिश्रमिक नहीं मिलने से दुकान संचालकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।

21 वर्षों से कमीशन वृद्धि की मांग लंबित

संघ की प्रमुख मांगों में पिछले 21 वर्षों से लंबित कमीशन वृद्धि का मुद्दा शामिल है। राशन दुकान संचालकों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में मिलने वाला कमीशन उनके संचालन खर्च और जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा राशन वितरण के दौरान होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 2 प्रतिशत क्षतिपूर्ति देने की मांग भी की गई है।

संघ ने वर्ष 2023 से लंबित वित्तीय पोषण राशि का भुगतान करने और 2 प्रतिशत टीडीएस कटौती बंद करने की मांग भी शासन के सामने रखी है। संगठन का कहना है कि इन मांगों का निराकरण नहीं होने के कारण दुकान संचालकों के सामने आर्थिक कठिनाइयां लगातार बनी हुई हैं।

मांगें पूरी नहीं होने तक जारी रहेगी हड़ताल

संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 3 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। संगठन की इस घोषणा से प्रदेश की उचित मूल्य दुकानों के संचालन और राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

राशन उपभोक्ताओं की बढ़ सकती है परेशानी

उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से बड़ी संख्या में परिवारों को सरकारी खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में दुकानें बंद रहने पर पात्र हितग्राहियों को राशन प्राप्त करने में दिक्कत हो सकती है। विशेष रूप से उन परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जो अपनी मासिक खाद्यान्न जरूरतों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर हैं।

फिलहाल संघ ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है। अब निगाहें शासन और खाद्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि राशन विक्रेताओं की मांगों पर कोई समाधान निकलता है या फिर हड़ताल के चलते राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित होती है।