बताया जा रहा है कि मैनपुर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के बीच गौरगांव में कच्चा मकान अचानक ढह गया। मकान के मलबे में परिवार के सदस्य दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आधी रात ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।
घटना की सूचना मिलने के बाद 112 और 108 की टीम भी मौके पर पहुंची। घायलों को उपचार के लिए मैनपुर लाने की तैयारी की गई, लेकिन लगातार बारिश के कारण रास्ते में बाग नदी उफान पर थी। नदी में पानी का बहाव तेज होने के चलते घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ऐसे हालात में ग्रामीणों और राहत टीम ने खाट के सहारे घायलों को नदी पार कराया। इसके बाद घायलों को मैनपुर लाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। गंभीर स्थिति वाले घायलों को बेहतर उपचार के लिए गरियाबंद रेफर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
घायलों में 45 वर्षीय खामसिंग विश्वकर्मा और 7 वर्षीय सुशांक विश्वकर्मा के नाम सामने आए हैं। हादसे में घायल परिवार के अन्य सदस्यों का भी उपचार कराया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
लगातार बारिश के कारण वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने तथा नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बढ़ गया है। गौरगांव की घटना ने बारिश के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और आपातकालीन राहत पहुंचाने में आने वाली चुनौतियों को भी सामने ला दिया है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, नदी में पानी बढ़ने के कारण आपात स्थिति में मरीजों और घायलों को मुख्य मार्ग तक पहुंचाना मुश्किल हो रहा है। गौरगांव में हुए हादसे के बाद प्रभावित परिवार को राहत और सहायता की जरूरत है। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में सतर्कता और राहत व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण हो गया है।