KCWAS में गबन और भ्रष्टाचार के आरोप, अध्यक्ष समेत तीन पदाधिकारियों के खिलाफ थाने में शिकायत
कोरबा में क्रिश्चियन संस्था KCWAS की आय-व्यय और लेखा संबंधी जानकारी को लेकर विवाद सामने आया है। कोरबा निवासी रघुवीर सिंह ने थाना कोतवाली में शिकायत आवेदन सौंपकर संस्था की अध्यक्ष सीमा गोस्वामी, सचिव राजकुमार दान और कोषाध्यक्ष डेनियल क्षत्रिय के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने संस्था के वित्तीय लेन-देन, बैठकों की जानकारी, बैंक खाते, ऑडिट रिपोर्ट और उपलब्ध राशि को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. राहुल गुप्ता, कोरबा। क्रिश्चियन संस्था KCWAS की आय-व्यय और लेखा संबंधी जानकारी को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में कोरबा निवासी रघुवीर सिंह ने 30 सितंबर 2026 को थाना कोतवाली में शिकायत आवेदन सौंपकर संस्था की अध्यक्ष सीमा गोस्वामी, सचिव राजकुमार दान और कोषाध्यक्ष डेनियल क्षत्रिय के खिलाफ जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में संस्था की वर्तमान कार्यकारिणी के कार्यकाल के दौरान बैठकों और आय-व्यय से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार वर्ष 2023 में हुए चुनाव के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया था। रघुवीर सिंह का दावा है कि 3 जुलाई 2025 को उन्हें KCWAS के अधिकृत व्हाट्सऐप समूहों से हटा दिया गया, जिसके बाद उन्हें मासिक बैठकों और सामान्य सभाओं से संबंधित जानकारी मिलना बंद हो गई।
शिकायत में संस्था की आर्थिक स्थिति को लेकर भी कई सवाल उठाए गए हैं। रघुवीर सिंह के अनुसार वर्तमान कार्यकारिणी को पूर्व कार्यकारिणी से करीब 5.25 लाख रुपये प्राप्त हुए थे। इसके अलावा सदस्यता शुल्क और अन्य माध्यमों से भी संस्था को राशि प्राप्त होने का दावा शिकायत में किया गया है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि तीन वर्ष के कार्यकाल के दौरान कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। वहीं, उनके अनुसार 20 जून 2026 की सीए रिपोर्ट में संस्था के खाते में करीब ढाई लाख रुपये शेष होने की जानकारी सामने आई है। इसी आधार पर शिकायतकर्ता ने संस्था के आय-व्यय और राशि के उपयोग को लेकर जांच की मांग की है।
रघुवीर सिंह ने पुलिस से KCWAS के बैंक खातों, आय-व्यय का विवरण, ऑडिट रिपोर्ट और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कराने का अनुरोध किया है। शिकायत में संस्था की संपत्ति और उपलब्ध राशि की वास्तविक स्थिति सामने लाने की भी मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में संस्था के पदाधिकारियों के खिलाफ गबन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने से संस्था की वित्तीय स्थिति और राशि के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल यह मामला पुलिस के समक्ष शिकायत के रूप में पहुंचा है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संस्था के संबंधित पदाधिकारियों की ओर से इस शिकायत और लगाए गए आरोपों पर कोई पक्ष इस उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता जांच और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि थाना कोतवाली स्तर पर शिकायत की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और KCWAS के वित्तीय रिकॉर्ड एवं अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद क्या तथ्य सामने आते हैं।