छोटेडोंगर में उत्साहपूर्वक मनाया गया नया खाई तिहार, गोंडवाना समाज ने निभाई पारंपरिक रीति-रिवाजों की परंपरा
नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर में गोंडवाना समाज 84 परगना के तत्वावधान में पारंपरिक नया खाई तिहार श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से पहुंचे गायंता, पटेल और पुजारीजनों का पारंपरिक तरीके से सम्मान किया गया। समाज के वरिष्ठजनों को पगड़ी बांधकर सम्मानित किया गया और संस्कृति एवं सामाजिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l गोंडवाना समाज 84 परगना छोटेडोंगर के तत्वावधान में पारंपरिक नया खाई तिहार श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। आयोजन में 84 परगना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम में गायंता, पटेल और पुजारीजनों की मौजूदगी रही। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में समाज की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक व्यवस्था की झलक देखने को मिली।
नया खाई तिहार के अवसर पर अलग-अलग गांवों से पहुंचे गायंता, पटेल एवं पुजारीजनों को जोहार भेंट कर सम्मानित किया गया। समाज के वरिष्ठजनों को पगड़ी बांधकर मान-सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था में वरिष्ठजनों और धार्मिक-सामुदायिक पदाधिकारियों की भूमिका को सम्मान देने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
कार्यक्रम में समाज के लोगों ने एक-दूसरे को नया खाई तिहार की शुभकामनाएं दीं। आयोजन के दौरान सामाजिक एकता, आपसी भाईचारे और सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया गया। समाज के लोगों ने अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया।
नया खाई तिहार के आयोजन में युवाओं के साथ बुजुर्गों और महिलाओं की भी सहभागिता रही। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों ने नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश दिया। साथ ही समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
आयोजन के दौरान जल, जंगल और जमीन के साथ समाज की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश भी दिया गया। समाजजनों ने प्रकृति और पारंपरिक जीवन पद्धति के साथ अपने संबंधों को बनाए रखने की बात कही। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामाजिक सहयोग और आपसी समन्वय को मजबूत करने का संकल्प लिया।
गोंडवाना समाज के लिए नया खाई तिहार सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह पर्व समाज की पारंपरिक मान्यताओं, प्रकृति के प्रति आस्था और सामुदायिक जीवन से जुड़ा हुआ है। छोटेडोंगर में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से इन परंपराओं को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।
84 परगना छोटेडोंगर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए समाजजनों की सहभागिता ने आयोजन को सामूहिक स्वरूप दिया। गायंता, पटेल और पुजारीजनों के सम्मान के साथ वरिष्ठजनों को पगड़ी बांधकर सम्मानित करने की परंपरा ने सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान को प्रदर्शित किया।
आयोजन के अंत में समाजजनों ने आपसी भाईचारा बनाए रखने और आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया। नया खाई तिहार के माध्यम से गोंडवाना समाज की पारंपरिक संस्कृति, सामाजिक एकता और सामूहिक सहभागिता का स्वरूप सामने आया।