कवर्धा: बोड़ला के वनांचल में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष अभियान तेज, 61 घरों का सर्वेक्षण और 15 बच्चों का उपचार
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम कुम्हान-नंदनी में बच्चों की मृत्यु और कुछ बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी के बाद जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत करने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के छह दलों ने 21 स्वास्थ्य एवं पीवीटीजी शिविर आयोजित कर गांव के 61 घरों का सर्वेक्षण किया। विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार के लिए भेजा गया, जबकि 15 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में 15 बच्चों को भर्ती किया गया। बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण आहार और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। कबीरधाम जिले के वनांचल क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और कुपोषण की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान तेज कर दिया है। बोड़ला विकासखंड के ग्राम कुम्हान-नंदनी में बच्चों की मृत्यु और कुछ बच्चों के गंभीर रूप से बीमार होने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में जांच, उपचार और पोषण सेवाओं पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। स्वास्थ्य अमले द्वारा घर-घर पहुंचकर बच्चों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। जरूरतमंद बच्चों को उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है।
छह स्वास्थ्य दलों ने 61 घरों का किया सर्वेक्षण
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए विभाग के छह दलों द्वारा क्षेत्र में 21 स्वास्थ्य शिविर एवं पीवीटीजी शिविर आयोजित किए गए हैं। ग्राम कुम्हान-नंदनी के 61 घरों का सघन सर्वेक्षण कर बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, मलेरिया की आशंका, टीकाकरण और उपचार की जरूरतों का आकलन किया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया जा रहा है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य पर नियमित नजर रखें और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। अभियान के तहत परिवारों से संपर्क कर बच्चों की स्थिति की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
पोषण पुनर्वास केंद्र में बच्चों का उपचार
बच्चों में कुपोषण की पहचान और उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग विशेष प्रयास कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, 17 बच्चों की पहचान कर उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचार के लिए भेजा गया है। वहीं, 15 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में 15 बच्चों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। यहां बच्चों की स्वास्थ्य जांच, आवश्यक चिकित्सा और पोषण स्तर में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक पोषण आहार, संपूर्ण टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच पर भी जोर दिया जा रहा है।
वनांचल में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पर निगरानी
ग्रामीणों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर समनापुर और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। मितानिनों के माध्यम से बच्चों और परिवारों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आपात स्थिति में 108, 102 और शासकीय एंबुलेंस सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है। इसके अलावा मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा दी जा रही है। जन चौपालों के जरिए ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पोषण और उपलब्ध सेवाओं के संबंध में जानकारी भी दी जा रही है।
जिला स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा
जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, बच्चों की स्थिति और उपचार व्यवस्था की समीक्षा कर रही है। स्वास्थ्य विभाग का मैदानी अमला ग्रामीण परिवारों से लगातार संपर्क बनाए हुए है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के समन्वय से बच्चों को आवश्यक जांच, उपचार, पोषण आहार और टीकाकरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्राम कुम्हान-नंदनी में बच्चों की मृत्यु और गंभीर बीमारी के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता बढ़ाई गई है। अब महत्वपूर्ण यह है कि बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और प्रभावित परिवारों तक समय पर चिकित्सा एवं पोषण सेवाएं पहुंचें।