पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन में पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते स्वरूप तथा उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी।
अभियान के दौरान डिजिटल सुविधा के साथ डिजिटल सतर्कता की जरूरत पर जोर दिया गया। पुलिस टीमों ने नागरिकों को अनजान लिंक, संदिग्ध एप, कमजोर पासवर्ड, OTP और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने से होने वाले संभावित नुकसान के बारे में जागरूक किया।
अभियान के पहले सप्ताह में डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा को लेकर स्कूल एवं कॉलेजों में 6 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 489 विद्यार्थियों एवं नागरिकों को साइबर सुरक्षा के संबंध में जानकारी दी गई। दूसरे सप्ताह में बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों में 14 कार्यक्रमों के माध्यम से 2,122 लोगों को UPI फ्रॉड, फर्जी बैंक अधिकारी, QR कोड और OTP से जुड़ी धोखाधड़ी के प्रति सचेत किया गया।
तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल जैसे साइबर अपराधों को केंद्र में रखा गया। टाउन हॉल और अन्य स्थानों पर 112 कार्यक्रम आयोजित कर 6,492 लोगों को फर्जी पुलिस, CBI या ED अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, वीडियो कॉल ठगी और फर्जी नोटिस से बचाव की जानकारी दी गई।
चौथे सप्ताह में स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर 1,712 कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें 37,268 लोगों को सोशल मीडिया सुरक्षा, फर्जी प्रोफाइल, साइबर उत्पीड़न तथा निजी फोटो और जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने की जानकारी दी गई।
पांचवें सप्ताह में युवाओं को केंद्र में रखते हुए जॉब फ्रॉड और फिशिंग को लेकर 1,864 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 24,030 लोगों को फर्जी ऑनलाइन नौकरी, भर्ती प्रक्रिया और फिशिंग लिंक के माध्यम से होने वाली ठगी से बचने के उपाय बताए गए।
छठे सप्ताह में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर 2,209 कार्यक्रम आयोजित कर 17,513 लोगों को व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, दस्तावेज और लोकेशन जैसी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया।
सातवें सप्ताह में गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” संकल्प अभियान चलाया गया। इस दौरान 1,300 कार्यक्रम आयोजित कर 19,242 लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया गया और स्वयं जागरूक रहने तथा दूसरों को जागरूक करने का संकल्प दिलाया गया।
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने पोस्टर, बैनर, पंपलेट, सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप, जनचौपाल और प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया। पुलिस ने नागरिकों को बताया कि ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कर नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल से संपर्क करें।
पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव ने जिलेवासियों से साइबर जागरूकता को दैनिक डिजिटल व्यवहार का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने OTP, PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा अनजान लिंक और संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर से सावधान रहने की सलाह दी।