मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मझगांव का है। पुलिस के मुताबिक गांव निवासी हीरालाल साहू ने 24 सितंबर 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 15 सितंबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति उनके घर में घुसा और 12.50 लाख रुपये चोरी कर ले गया। हीरालाल ट्रांसपोर्ट, मटेरियल सप्लाई और कृषि संबंधी कार्य करते हैं, जिसके कारण उनके पास रकम का लेन-देन होता रहता है।
परिजनों ने घटना के समय एक संदिग्ध व्यक्ति को घर से निकलते हुए देखने की जानकारी दी थी। संदिग्ध ने चेहरे को गमछे से ढका हुआ था। जांच के दौरान पड़ोसी के मकान की छत के रास्ते घर में प्रवेश किए जाने की आशंका भी सामने आई। घटनास्थल के आसपास शराब की शीशी, कुएं में फेंका गया पर्स और गली में रकम रखने वाला खाली बैग भी मिला था।
पुलिस ने अपराध क्रमांक 415/2026 के तहत धारा 305(ए), 331(3) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बड़ी रकम की चोरी को देखते हुए साइबर थाना और सिटी कोतवाली की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस के अनुसार जांच में कमलेश पटेल, उम्र 19 वर्ष, निवासी ग्राम मझगांव की भूमिका सामने आई। पूछताछ में कमलेश ने बताया कि 15 सितंबर को गणेश चतुर्थी के कारण गांव के लोग गणेश पंडाल में व्यस्त थे। वह शाम करीब 5:30 बजे अपने पुराने मकान में गया और अंधेरा होने का इंतजार किया। उसका पुराना मकान और हीरालाल साहू का मकान आपस में जुड़े हुए हैं तथा छत के रास्ते दोनों मकानों में पहुंचा जा सकता है।
पुलिस के मुताबिक अंधेरा होने के बाद कमलेश छत के रास्ते हीरालाल के मकान में दाखिल हुआ। कमरे में लगे बल्ब को निकालकर अलग रखने के बाद उसने आलमारी खोलकर लॉकर से 500, 200 और 100 रुपये के नोटों के बंडल तथा पर्स निकाल लिए। इसके बाद रकम को गमछे में बांधकर पुराने मकान में ले गया और छिपा दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि कमलेश ने अगले दिन अपने पिता भागवत पटेल को चोरी की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार चोरी की रकम को पुराने मकान से निकालकर नए मकान में रखा गया। बाद में रकम को खेत में बने बोर के कमरे और फिर घर की आलमारी में रखा गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर 11.53 लाख रुपये बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार कमलेश ने करीब 47 हजार रुपये खर्च करने की बात बताई, जबकि भागवत पटेल द्वारा करीब 50 हजार रुपये वाहन बनवाने और पार्ट्स खरीदने में खर्च किए जाने की जानकारी दी गई।
दोनों आरोपियों को 29 सितंबर 2026 को उनके मकान से पकड़ा गया। पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले के खुलासे में साइबर थाना प्रभारी उमाशंकर राठौर, सिटी कोतवाली प्रभारी लालजी सिन्हा सहित संयुक्त पुलिस टीम की भूमिका रही।