जैजैपुर CHC की शासकीय जमीन पर कब्जा, अस्पताल विस्तार अटका

सक्ती जिले के जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के विस्तार में अस्पताल से लगी शासकीय जमीन पर लंबे समय से कथित बेजा कब्जा बाधा बन रहा है। पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण नए भवन और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना प्रभावित है। अस्पताल का संचालन अतिरिक्त भवन में होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को जगह की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

Oct 7, 2026 - 15:39
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जैजैपुर CHC की शासकीय जमीन पर कब्जा, अस्पताल विस्तार अटका

UNITED NEWS OF ASIA. जीके कुर्रे, सक्ती l सक्ती जिले के जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC के विस्तार पर अस्पताल से लगी शासकीय जमीन पर कथित बेजा कब्जे का असर पड़ रहा है। अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही सरकारी जमीन लंबे समय से कब्जे में होने के कारण नए भवन के निर्माण और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके चलते अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगी शासकीय भूमि अस्पताल के विस्तार के लिए उपयोगी हो सकती है। अस्पताल में बढ़ती जरूरतों के अनुसार अतिरिक्त भवन, मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त जमीन की आवश्यकता है। लेकिन उपलब्ध जानकारी के अनुसार अस्पताल से लगी सरकारी जमीन पर लंबे समय से बेजा कब्जा होने के कारण इस जमीन का उपयोग अस्पताल विस्तार के लिए नहीं हो पा रहा है।

जमीन उपलब्ध नहीं होने का असर अस्पताल के नए भवन की योजना पर भी पड़ रहा है। मौजूदा परिस्थितियों में अस्पताल का संचालन अतिरिक्त भवन में किया जा रहा है। इससे अस्पताल में जगह की कमी की स्थिति बनी हुई है। मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ अस्पताल के कर्मचारियों के लिए भी पर्याप्त स्थान की जरूरत होती है, ऐसे में सीमित जगह के कारण व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ने की बात सामने आ रही है।

स्वास्थ्य केंद्र के विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि अस्पताल में मरीजों की सुविधाओं के अनुरूप भवन और आवश्यक संसाधनों का विस्तार किया जा सके। यदि अस्पताल से लगी शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराया जाता है तो भविष्य में नए भवन के निर्माण और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के लिए इसका उपयोग किया जा सकता है। फिलहाल जमीन की उपलब्धता नहीं होने से विस्तार की संभावनाएं प्रभावित होती दिखाई दे रही हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जैजैपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लगी शासकीय जमीन पर कथित बेजा कब्जा कब हटाया जाएगा। अस्पताल के विस्तार के लिए जमीन कब उपलब्ध होगी और मरीजों को बेहतर एवं पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं कब मिल पाएंगी, इसे लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं।

जैजैपुर CHC में जगह की कमी का सीधा असर मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुविधाओं पर पड़ने की बात सामने आ रही है। ऐसे में अस्पताल विस्तार के लिए उपलब्ध शासकीय भूमि की स्थिति स्पष्ट कर उसे आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जरूरत है। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के सामने सीमित जगह में स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने की चुनौती बनी हुई है।