IMF ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, FY27 में तेज रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। अक्टूबर 2026 की वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन भारतीय अर्थव्यवस्था को गति दे रहा है। वहीं, चीन की आर्थिक वृद्धि दर धीमी रहने और वैश्विक विकास दर पर दबाव का अनुमान जताया गया है।

Oct 13, 2026 - 12:25
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IMF ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% किया, FY27 में तेज रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

UNITED NEWS OF ASIA. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अपने विकास दर के अनुमान में बढ़ोतरी की है। अक्टूबर 2026 में जारी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। यह संशोधन ऐसे समय में किया गया है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था युद्ध, अमेरिकी टैरिफ और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। IMF के इस अनुमान से भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास संभावनाओं को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर से मिल रही ताकत

IMF की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की आर्थिक वृद्धि में घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका है। देश के भीतर वस्तुओं और सेवाओं की मांग बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिल रहा है। इसके साथ ही सेवा क्षेत्र का प्रदर्शन भी विकास दर को मजबूती देने में मदद कर रहा है। घरेलू बाजार में खरीदारी और आर्थिक गतिविधियों के जारी रहने से कारोबार को गति मिल रही है।

रिपोर्ट में भारत की जनसांख्यिकीय स्थिति और संरचनात्मक सुधारों को भी विकास की संभावनाओं से जोड़कर देखा गया है। भारत में बड़ा घरेलू बाजार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार आने वाले समय में विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।

FY27-28 के लिए भी 7 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान

प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, IMF ने आगामी वित्त वर्ष 2027-28 के लिए भी भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत किया है। जुलाई में जारी अनुमान की तुलना में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी बताई गई है। इससे संकेत मिलता है कि IMF भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास गति को लेकर पहले के मुकाबले अधिक आशावादी है।

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए यह अनुमान महत्वपूर्ण है, क्योंकि आर्थिक विकास का असर रोजगार, निवेश, उद्योग, व्यापार और उपभोक्ता मांग जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक विकास दर इस बात पर भी निर्भर करेगी कि देश और दुनिया में आर्थिक परिस्थितियां किस दिशा में आगे बढ़ती हैं।

चीन की विकास दर में धीमेपन का अनुमान

IMF की रिपोर्ट में चीन की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर को लेकर अपेक्षाकृत धीमा अनुमान भी सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चीन की विकास दर 2026 में 4.5 प्रतिशत और 2027 में 4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक चुनौतियों का असर दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है।

रिपोर्ट में वैश्विक विकास दर 2026 में 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान भी बताया गया है। ऐसे माहौल में भारत की अनुमानित 7 प्रतिशत विकास दर उसे प्रमुख तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रख सकती है।

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक संभावनाएं

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर टैरिफ का असर और भू-राजनीतिक तनाव भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने चुनौतियां पेश कर सकते हैं। इसके बावजूद IMF का संशोधित अनुमान घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र की मजबूती को रेखांकित करता है। आने वाले समय में महंगाई, निवेश, व्यापार और वैश्विक बाजारों की स्थिति भारत की आर्थिक वृद्धि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक होंगे।

कुल मिलाकर, IMF द्वारा भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7 प्रतिशत करना देश की आर्थिक संभावनाओं के लिहाज से सकारात्मक संकेत है। हालांकि, यह एक अनुमान है, अंतिम विकास दर नहीं। वास्तविक आंकड़े वित्त वर्ष के दौरान आर्थिक प्रदर्शन और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेंगे।