बैठक के दौरान अधिकारियों ने स्मार्ट मीटर को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। बताया गया कि विद्युत खपत की रीडिंग और उससे संबंधित जानकारी को अधिक व्यवस्थित एवं आधुनिक तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। उपभोक्ताओं से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से स्मार्ट मीटर को लेकर प्रसारित होने वाली भ्रामक और अपुष्ट जानकारियों पर विश्वास न करें।
अधिकारियों ने कहा कि स्मार्ट मीटर अथवा बिजली से संबंधित किसी भी प्रकार की शंका या समस्या होने पर उपभोक्ता सीएसपीडीसीएल के अधिकृत कार्यालय या निर्धारित शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बैठक में उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने और विभागीय स्तर पर उसके समाधान की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग यानी सीएसईआरसी की भूमिका और विद्युत उपभोक्ताओं के अधिकारों के संबंध में भी जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ता बिजली बिल, मीटर रीडिंग, विद्युत आपूर्ति और अन्य संबंधित विषयों को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी शिकायत या समस्या विभाग के सामने रख सकते हैं।
बैठक के दौरान मौजूद उपभोक्ताओं ने बिजली बिल, मीटर और विद्युत आपूर्ति से जुड़े विभिन्न सवाल अधिकारियों के सामने रखे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शंकाओं का समाधान करते हुए आवश्यक जानकारी दी। इससे उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाओं और शिकायत निवारण प्रक्रिया को समझने में मदद मिली।
फरसगांव उपसंभाग बिजली विभाग के सहायक अभियंता विनोद कुमार मरकाम ने उपभोक्ताओं से अपील की कि विद्युत संबंधी किसी भी समस्या को विभाग के संज्ञान में लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका समाधान कराएं। उन्होंने विद्युत सुरक्षा नियमों का पालन करने और बिजली का सुरक्षित एवं जिम्मेदाराना उपयोग करने की अपील भी की।
कार्यक्रम में पीआर साहू, अध्यक्ष, विद्युत उपभोक्ता फोरम, बस्तर संभाग सहित विद्युत विभाग के अधिकारी और बड़ी संख्या में उपभोक्ता उपस्थित रहे। बैठक के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली सेवाओं, स्मार्ट मीटर और शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से विभागीय माध्यमों का उपयोग करने और बिजली से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाने का आग्रह किया।