दुर्ग के ऐतिहासिक जेआरडी स्कूल में बनेगा 270 सीटर ऑडिटोरियम, 1.34 करोड़ रुपये की मिली स्वीकृति

दुर्ग के गांधी चौक स्थित ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल में 270 सीटर ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर शासन ने इसके लिए 1 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। पहले चरण में 82 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य स्कूल की ऐतिहासिक पहचान को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना है।

Oct 30, 2026 - 07:34
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दुर्ग के ऐतिहासिक जेआरडी स्कूल में बनेगा 270 सीटर ऑडिटोरियम, 1.34 करोड़ रुपये की मिली स्वीकृति

UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l शहर के गांधी चौक स्थित ऐतिहासिक जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल में अब 270 सीटर ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर शासन ने इस परियोजना के लिए 1 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। आरईएस विभाग के अनुसार, प्रशासकीय स्वीकृति के तहत प्रथम चरण में 82 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर को संरक्षित करते हुए विद्यालय में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विगत दिनों शिक्षा विभाग और आरईएस के अधिकारियों के साथ विद्यालय परिसर का निरीक्षण किया था। इस दौरान स्कूल भवन की वर्तमान स्थिति, आवश्यक मरम्मत, संरचनात्मक मजबूती और ऐतिहासिक स्वरूप को सुरक्षित रखने जैसे विषयों पर शिक्षकों एवं इंजीनियरों के साथ चर्चा की गई थी। इसके बाद शासन की ओर से ऑडिटोरियम निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है।

देश की आजादी से पहले स्थापित जेआरडी मल्टीपरपस स्कूल का दुर्ग शहर के इतिहास में विशेष स्थान है। इस विद्यालय से कई पीढ़ियों की यादें जुड़ी हुई हैं। यह संस्थान लंबे समय तक शिक्षा के प्रमुख केंद्र के साथ-साथ शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक गतिविधियों का भी हिस्सा रहा है। विद्यालय से पढ़कर निकले विद्यार्थियों ने खेल, साहित्य, पत्रकारिता, कला, पुलिस, सेना, राजनीति और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाई है।

शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि जेआरडी स्कूल केवल एक शैक्षणिक संस्था नहीं, बल्कि दुर्ग शहर की विरासत और पहचान है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं भी इसी विद्यालय के विद्यार्थी रहे हैं, इसलिए इस संस्थान से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव है। उनके अनुसार, स्कूल का संरक्षण और विकास शहर की ऐतिहासिक शैक्षणिक धरोहर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विद्यालय परिसर में स्थित ऐतिहासिक हॉल पहले शहर की प्रमुख गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था। जब दुर्ग में बड़े सभागारों की कमी थी, तब यहां कई महत्वपूर्ण शासकीय प्रशिक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन आयोजित किए जाते थे। अब इसी परिसर में बनने वाला नया ऑडिटोरियम शिक्षा विभाग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। आरईएस विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, इसमें 270 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ अटैच बाथरूम और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

जेआरडी स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सुपर-30 योजना भी प्रारंभ की गई है। इसके तहत NEET और JEE जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को विशेष कोचिंग, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इससे दुर्ग और आसपास के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शासकीय विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। जेआरडी स्कूल में ऑडिटोरियम निर्माण और शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में उठाया गया कदम है। इससे विद्यालय की ऐतिहासिक पहचान को बनाए रखने के साथ विद्यार्थियों और शहरवासियों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।