धमतरी: दिनकरपुर में अवैध शराब पर रोक लगाने का फैसला, बनाने-बेचने पर ₹10 हजार जुर्माना; सूचना देने वाले को ₹5 हजार इनाम

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड के ग्राम दिनकरपुर में ग्रामीणों ने अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का सामूहिक निर्णय लिया है। 18 अक्टूबर को शीतला प्रांगण में आयोजित बैठक में तय किया गया कि अवैध शराब बनाने या बेचने वालों पर 10 हजार रुपये का दंड लगाया जाएगा, जबकि इसकी सूचना देने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। ग्रामीणों ने सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में नशे के कारण व्यवधान पैदा करने पर भी कार्रवाई का निर्णय लिया।

Oct 18, 2026 - 18:23
 0  15
धमतरी: दिनकरपुर में अवैध शराब पर रोक लगाने का फैसला, बनाने-बेचने पर ₹10 हजार जुर्माना; सूचना देने वाले को ₹5 हजार इनाम

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनाईकेरा के आश्रित ग्राम दिनकरपुर में ग्रामीणों ने अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए सामूहिक निर्णय लिया है। गांव में बिगड़ते हालात, नशाखोरी से उत्पन्न समस्याओं और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों ने ग्रामसभा के माध्यम से शराबबंदी से संबंधित नियम तय किए। इस पहल का उद्देश्य गांव में शांति, सामाजिक सद्भाव और बेहतर व्यवस्था बनाए रखना है।

अवैध शराब बनाने और बेचने पर 10 हजार रुपये का दंड

18 अक्टूबर को शीतला प्रांगण में आयोजित बैठक में समस्त ग्रामीणों की उपस्थिति में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से कच्ची शराब बनाते या बेचते पाया जाता है, तो उस पर 10 हजार रुपये का दंड लगाया जाएगा। वहीं, अवैध शराब बनाने या बेचने की गतिविधियों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 5 हजार रुपये का इनाम देने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस व्यवस्था से अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और गांव में नशाखोरी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

सार्वजनिक कार्यक्रमों में नशा कर व्यवधान डालने पर भी कार्रवाई

बैठक में केवल अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने तक ही निर्णय सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने सार्वजनिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में नशे की हालत में पहुंचकर व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई करने की व्यवस्था बनाई। इस निर्णय का उद्देश्य गांव में आयोजित सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। ग्रामीणों ने नशे के कारण परिवारों और समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए आपसी सहयोग से नियमों का पालन कराने पर जोर दिया।

पहले दुगली थाना पहुंचकर सौंपा था पत्र

गांव में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने 15 अक्टूबर को दुगली थाना पहुंचकर थाना प्रभारी को लिखित पत्र भी सौंपा था। पत्र के माध्यम से गांव की व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया था। इसके बाद 18 अक्टूबर की बैठक में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से शराबबंदी से संबंधित निर्णय लेकर गांव में अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने की पहल की।

ग्रामीण प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लिया गया निर्णय

इस बैठक में ग्रामीण प्रमुख दशरथ लाल नेताम, ग्रामसभा अध्यक्ष मुन्ना लाल नेताम, ग्राम गायता जगन सिंह मरकाम, मुनाईकेरा की सरपंच लकेश्वरी नेताम, कोटवार हितेश कुमार सूर्यवंशी और ग्राम पटेल धुरसाय मरकाम सहित पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में पुनाराम मरकाम, गुप्तेश्वर नेताम, नारेन्द्र नेताम, रामप्रसाद नेताम, दुलेश्वरी नेताम, रजुला नेताम, पार्वती नेताम, सुन्दरु राम नेताम, शिवनाथ नेताम, भारत राम, मेघनाथ, जयचन्द, मिलाप राम, सोमनाथ, सोनिया बाई, सगन बाई, गीताबाई, बिमला बाई, राधाबाई, मिथलेश कुमार, दयालु राम कोड़ेपी, श्रवण कुमार, गजेन्द्र कुमार और रुखमन सहित अन्य ग्रामीण शामिल हुए।

दिनकरपुर के ग्रामीणों ने इस सामूहिक पहल के माध्यम से गांव में नशामुक्त वातावरण बनाने, युवाओं को नशे से दूर रखने और सामाजिक एकता को मजबूत करने का संदेश दिया है। क्षेत्र के सामाजिक मुखियाओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य गांवों के लिए अनुकरणीय बताया है। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा तय दंडात्मक व्यवस्था का क्रियान्वयन लागू कानूनों और संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुरूप होना आवश्यक होगा।