भाजपा के लिए ओबीसी सिर्फ वोट बैंक, जनगणना से लेकर आरक्षण तक वादाखिलाफी: दीपक बैज
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय और वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी की पृथक गिनती के लिए स्पष्ट कॉलम होना चाहिए और छत्तीसगढ़ विधानसभा से पारित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विधेयक को कानून का रूप दिया जाना चाहिए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर प्रदेश की अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी आबादी के साथ अन्याय और विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बैज ने कहा कि भाजपा के लिए ओबीसी सिर्फ वोट बैंक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान ओबीसी वर्ग के हितों की बात करने वाली भाजपा सत्ता में आने के बाद उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ राष्ट्रीय जनगणना के फॉर्म में ओबीसी वर्ग की पृथक और स्पष्ट गिनती के लिए अलग कॉलम नहीं होने का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ विधानसभा द्वारा पारित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विधेयक को लेकर भी सरकार की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बैज के अनुसार, 2 दिसंबर 2022 को विधानसभा से पारित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विधेयक अब तक कानून का रूप नहीं ले पाया है। उन्होंने इसे ओबीसी वर्ग के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।
बैज ने कहा कि ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी का स्पष्ट आंकड़ा सामने आने से शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और आरक्षण की नीतियों को बेहतर तरीके से निर्धारित किया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि जनगणना के आधिकारिक फॉर्म में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह ओबीसी के लिए भी पृथक और स्पष्ट कॉलम उपलब्ध कराया जाए, ताकि इस वर्ग की आबादी की सटीक और पारदर्शी गणना हो सके।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि जनगणना फॉर्म में अन्य जातियों के लिए खुले विकल्प की व्यवस्था होने के बावजूद ओबीसी के लिए अलग विकल्प नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ओबीसी वर्ग की पृथक गिनती से क्यों बच रही है। बैज ने कहा कि जातिगत आंकड़ों के अभाव में पिछड़े वर्ग के लिए योजनाओं का बजट और आरक्षण का उचित दायरा निर्धारित करने में कठिनाई हो सकती है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में ओबीसी आरक्षण से जुड़े मुद्दे को भी उठाते हुए कहा कि पिछड़ा वर्ग के युवाओं के शिक्षा और रोजगार के अवसरों में आरक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। कांग्रेस का आरोप है कि 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण विधेयक को लेकर लंबे समय से स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।बैज ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।
बैज ने कहा कि ओबीसी समाज के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को केवल चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने जातिगत जनगणना में ओबीसी की पृथक गिनती और छत्तीसगढ़ में 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर सरकार से ठोस पहल करने की मांग की। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपों को सामने रखा गया है।