DAV जांता के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल बने नोडल प्राचार्य, बेमेतरा-कवर्धा-मुंगेली के 6 स्कूलों की संभालेंगे जिम्मेदारी

बेमेतरा, कवर्धा और मुंगेली जिलों के 6 डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में बोर्ड परीक्षा परिणाम बेहतर बनाने के लिए डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको, भिलाई में ‘मिशन एक्सीलेंस 2027’ और ‘मिशन जीरो फेल्योर’ के तहत महा-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल को तीनों जिलों का नोडल प्राचार्य बनाया गया। उन्होंने अर्धवार्षिक परीक्षा परिणाम प्रस्तुत करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य रखा।

Oct 7, 2026 - 13:26
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DAV जांता के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल बने नोडल प्राचार्य, बेमेतरा-कवर्धा-मुंगेली के 6 स्कूलों की संभालेंगे जिम्मेदारी

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएवी पब्लिक स्कूल हुडको, भिलाई में एक दिवसीय उच्च स्तरीय महा-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ‘मिशन एक्सीलेंस 2027’ और ‘मिशन जीरो फेल्योर’ के लक्ष्य को लेकर अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणामों की समीक्षा की गई और आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए सुधारात्मक कार्ययोजना तैयार की गई।

बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ डीएवी संस्थानों के क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने की। मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के पूर्व उपसंचालक आशुतोष चावरे उपस्थित रहे। बैठक में बेमेतरा, कवर्धा और मुंगेली जिलों के 6 डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हुए डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल जांता के प्राचार्य पी.एल. जायसवाल नोडल प्राचार्य के रूप में शामिल हुए। उन्हें तीनों जिलों के अंतर्गत आने वाले 6 स्कूलों की शैक्षणिक प्रगति और परिणाम सुधार की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

बैठक में अर्धवार्षिक परीक्षा के परिणामों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। आशुतोष चावरे ने कहा कि हाफ ईयरली परीक्षा के परिणाम आत्मनिरीक्षण का अवसर हैं। शिक्षक, विद्यार्थी और स्कूल प्रबंधन टीम भावना के साथ काम करें तो बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बैठक में कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई। अर्धवार्षिक परीक्षा में 33 से 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शिक्षकों द्वारा व्यक्तिगत रूप से मार्गदर्शन दिया जाएगा। स्कूल समय के बाद उनके लिए अतिरिक्त उपचारात्मक कक्षाएं संचालित करने की योजना बनाई गई है। साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और पालकों के समन्वय से घर पर न्यूनतम तीन घंटे की पढ़ाई के लिए विशेष समय-सारणी तैयार करने पर जोर दिया गया।

शैक्षणिक परिणाम सुधारने के लिए प्रत्येक कक्षा और विद्यार्थियों के अध्ययन कक्ष में व्यक्तिगत लक्ष्य चार्ट लगाने की योजना बनाई गई है। पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने के साथ अक्टूबर के अंत तक मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक अध्याय और विषय की समाप्ति के बाद टेस्ट, प्रश्न-उत्तर अभ्यास तथा सीबीएसई ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार मॉडल प्रश्नपत्रों का अभ्यास कराया जाएगा।

विद्यार्थियों की झिझक दूर करने और मानसिक विकास के लिए 4 से 6 विद्यार्थियों के छोटे समूह बनाकर विषयवार सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चिन्हांकित कर उनकी क्षमता के अनुसार करियर गाइडेंस देने पर भी जोर दिया गया।

क्षेत्रीय अधिकारी प्रशांत कुमार ने कहा कि यह केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधारात्मक प्रयासों की शुरुआत है। स्मार्ट वर्क के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और बेहतर परिणाम पर ध्यान दिया जाएगा। सहायक क्षेत्रीय अधिकारी एवं नोडल प्राचार्य बी.पी. साहू ने स्मार्ट बोर्ड और ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से विषय विशेषज्ञों की सहायता उपलब्ध कराने तथा मॉडल टेस्ट के जरिए विद्यार्थियों की तैयारी मजबूत करने की बात कही।

नोडल प्राचार्य पी.एल. जायसवाल ने बेमेतरा, कवर्धा और मुंगेली जिलों के 6 स्कूलों की अर्धवार्षिक परीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने तीनों जिलों के सभी डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूलों में शत-प्रतिशत परिणाम हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प लिया।