डांडजमड़ी के सभी 90 घरों तक पहुंचा नल से शुद्ध पेयजल, ‘हर घर जल’ से बदली गांव की तस्वीर
जल जीवन मिशन के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आकांक्षी विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत डांडजमड़ी के सभी 90 घरों में नल से शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। पहले ग्रामीणों को पानी के लिए दूर स्थित कुएं तक जाना पड़ता था। अब घर में नल से पानी मिलने से विशेषकर महिलाओं को समय और श्रम की बचत हो रही है। योजना के संचालन और संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपी गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर जल’ संकल्प के तहत छत्तीसगढ़ के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा का विस्तार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के आकांक्षी विकासखंड गौरेला की ग्राम पंचायत डांडजमड़ी में जल जीवन मिशन के तहत सभी 90 घरों तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचने लगा है। घर के आंगन में नल से पानी मिलने की सुविधा ने ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाया है। खासतौर पर महिलाओं को पानी के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत मिली है।
डांडजमड़ी में कुछ समय पहले तक ग्रामीणों के लिए पानी जुटाना रोजमर्रा की बड़ी चुनौती थी। ग्रामीणों को घर से दूर स्थित कुएं तक जाकर पानी लाना पड़ता था। इसमें समय और श्रम दोनों खर्च होते थे। अब जल जीवन मिशन के माध्यम से घरों तक नल से पानी पहुंचने के बाद इस परेशानी में कमी आई है। ग्रामीण परिवारों के लिए यह सुविधा केवल पेयजल की उपलब्धता नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में सुविधा और राहत का माध्यम बनी है।
ग्रामवासी ललिता वाकरे ने घर में नल से पानी पहुंचने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि पहले पानी लेने के लिए दूर स्थित कुएं तक जाना पड़ता था, जिससे काफी समय और मेहनत लगती थी। अब घर में ही नल से शुद्ध पेयजल मिलने लगा है। इससे परिवार की दिनचर्या आसान हुई है और पानी की चिंता भी कम हुई है। उनका अनुभव गांव में पेयजल सुविधा से आए बदलाव को दर्शाता है।
जल जीवन मिशन के तहत डांडजमड़ी पंचायत के सभी 90 परिवारों को नल कनेक्शन से पेयजल की आपूर्ति शुरू हो गई है। व्यवस्था को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से योजना के संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दी गई है। इसके साथ ही ग्रामीणों को जल स्रोतों के संरक्षण और उपलब्ध पानी के जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग के लिए भी जागरूक किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत के सरपंच इंजोर सिंह धुर्वे, पंचायत सचिव रतन सिंह, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों तथा ग्रामीणों को जल प्रबंधन, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के महत्व की जानकारी दी गई है। ग्रामीणों को बताया गया कि घर-घर नल से पानी पहुंचने के साथ जल स्रोतों को सुरक्षित रखना और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करना भी सामुदायिक जिम्मेदारी है।
जल जीवन मिशन की व्यवस्था में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को महत्वपूर्ण माना गया है। ग्राम पंचायत को संचालन एवं संधारण की जिम्मेदारी मिलने से स्थानीय स्तर पर पेयजल व्यवस्था के प्रति स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना मजबूत होने की उम्मीद है। इससे भविष्य में गांव में पेयजल सुविधा को नियमित और सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
‘हर घर जल’ अभियान ग्रामीण जीवन में स्वास्थ्य, स्वच्छता और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ पानी मिल रहा है, वहीं पानी लाने में लगने वाले समय की बचत से महिलाओं और परिवारों की दिनचर्या भी अधिक सुविधाजनक हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर जल’ संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों तक पेयजल सुविधा पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। डांडजमड़ी में सभी 90 परिवारों तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है। गांव में नल से बहता पानी ग्रामीणों के लिए सुविधा के साथ जल संरक्षण और बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी का संदेश भी दे रहा है।