मोदी देश के सबसे असफल प्रधानमंत्री: कांग्रेस, महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की आय, नोटबंदी और आयुष्मान भारत योजना को लेकर निशाना साधा। कांग्रेस ने गैस सिलेंडर, पेट्रोल-डीजल की कीमतों और आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए सरकार के वादों पर सवाल खड़े किए। ये आरोप कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।

Oct 11, 2026 - 16:01
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मोदी देश के सबसे असफल प्रधानमंत्री: कांग्रेस, महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का सबसे असफल प्रधानमंत्री बताया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अपने चुनावी वादों को पूरा करने के बजाय प्रचार और नारों के सहारे शासन चलाया है। उन्होंने महंगाई और बेरोजगारी को सरकार की प्रमुख विफलताएं बताते हुए कहा कि आम जनता लगातार आर्थिक दबाव का सामना कर रही है।

सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि वर्ष 2014 में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 410 रुपये थी, जो अब 1,017 रुपये से अधिक होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने पेट्रोल की कीमत 70 रुपये से बढ़कर 108 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 55 रुपये से बढ़कर लगभग 101 रुपये प्रति लीटर पहुंचने का उल्लेख किया। कांग्रेस प्रवक्ता ने कमर्शियल गैस सिलेंडर और पांच किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उनके अनुसार, कमर्शियल सिलेंडर के दाम में पिछले पांच महीनों के दौरान कुल 1,510 रुपये की वृद्धि हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों से घरेलू बजट के साथ-साथ व्यापारिक संस्थानों और उद्योगों पर भी दबाव बढ़ रहा है।

कांग्रेस ने किसानों की आय दोगुनी करने के वादे को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। सुरेंद्र वर्मा ने दावा किया कि वर्ष 2015 से किसानों की आय में सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि की जरूरत थी, लेकिन वास्तविक वृद्धि लगभग 3.5 प्रतिशत ही रही। उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए किसानों की आत्महत्या का मुद्दा उठाया और कहा कि कृषि क्षेत्र से जुड़े संकट पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

नोटबंदी को लेकर कांग्रेस ने कहा कि काले धन की वापसी, जालसाजी पर रोक, आतंकवाद पर नियंत्रण और भ्रष्टाचार समाप्त करने जैसे घोषित उद्देश्यों को हासिल करने में यह योजना सफल नहीं रही। सुरेंद्र वर्मा ने दावा किया कि बंद की गई 99 प्रतिशत से अधिक मुद्रा बैंकिंग व्यवस्था में वापस आ गई थी। कांग्रेस ने नोटबंदी के आर्थिक प्रभावों पर भी सवाल खड़े किए।

आयुष्मान भारत योजना को लेकर भी कांग्रेस प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना में 7.5 लाख से अधिक लाभार्थियों को अमान्य बताया गया था। उन्होंने मध्य प्रदेश में मृत घोषित किए जा चुके मरीजों के नाम पर भुगतान होने का भी दावा किया। कांग्रेस ने योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

सुरेंद्र वर्मा ने आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए ऑक्सफैम की रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि देश की बड़ी संपत्ति सीमित संख्या में अमीर लोगों के पास केंद्रित है, जबकि निचले आय वर्ग के लोगों पर करों का अपेक्षाकृत अधिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार की नीतियों से आर्थिक असमानता बढ़ी है और आम जनता को अपेक्षित राहत नहीं मिली है।

कांग्रेस ने महंगाई, किसानों की आय, नोटबंदी, स्वास्थ्य योजनाओं और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकार के दावों और आम लोगों के अनुभवों के बीच बड़ा अंतर है। प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए आंकड़े और आरोप कांग्रेस के पक्ष को दर्शाते हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं की गई है।