सुदूर वनांचल में बैगा छात्र-छात्राओं ने बताए सपने, कलेक्टर ने दिखाई करियर की नई राह
कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के पोलमी स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय का कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने निरीक्षण किया। उन्होंने छात्राओं से पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और भविष्य के सपनों को लेकर संवाद किया। छात्राओं ने शिक्षक, डॉक्टर और सेना में जाने की इच्छा जताई। कलेक्टर ने रुचि के अनुसार नियमित करियर काउंसलिंग कराने और छात्रावास, भोजन, रसोई व अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l कवर्धा जिले के पंडरिया विकासखंड के सुदूर वनांचल पोलमी स्थित विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा आवासीय विद्यालय में बुधवार को कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने पहुंचकर छात्र-छात्राओं से संवाद किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की पढ़ाई, परीक्षा की तैयारी और भविष्य को लेकर उनकी योजनाओं के बारे में जानकारी ली। बातचीत के दौरान जब छात्राओं से उनके सपनों के बारे में पूछा गया तो किसी ने शिक्षक बनने की इच्छा जताई, किसी ने डॉक्टर बनने का सपना बताया, जबकि कुछ छात्राओं ने सेना में जाने की इच्छा व्यक्त की।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती। मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन के जरिए वनांचल में रहने वाली बेटियां भी शिक्षा और करियर के हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे डॉक्टर, इंजीनियर, कृषि वैज्ञानिक, मत्स्य वैज्ञानिक, भाषा विशेषज्ञ, अंतरिक्ष वैज्ञानिक और विमान चालक सहित अपनी रुचि के अनुसार किसी भी क्षेत्र को करियर के रूप में चुन सकती हैं।
कलेक्टर ने छात्राओं से उनके पसंदीदा विषयों और उन क्षेत्रों के बारे में भी चर्चा की, जिनमें वे भविष्य बनाना चाहती हैं। उन्होंने पढ़ाई को लेकर कहा कि केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि विषयों को समझकर पढ़ना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से सभी विषयों का थोड़ा-थोड़ा रिविजन करने की सलाह दी। कलेक्टर ने कहा कि विषयों की बेहतर समझ आगे की पढ़ाई और करियर की तैयारी में मददगार होती है।
छात्राओं की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को नियमित करियर काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्राओं को अलग-अलग क्षेत्रों में उपलब्ध शिक्षा, रोजगार और करियर की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे अपनी रुचि और योग्यता के अनुरूप लक्ष्य निर्धारित कर सकें। इसके साथ ही उन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक तैयारी और शैक्षणिक अवसरों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बालक और बालिका छात्रावास की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बच्चों के लिए उपलब्ध बेड, रहने की सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए स्टीमेट तैयार कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने छात्राओं से सीधे बातचीत कर छात्रावास में रहने, भोजन और सुविधाओं से जुड़ी किसी समस्या के बारे में जानकारी ली।
कलेक्टर ने भोजन कक्ष और रसोई का निरीक्षण करते हुए भोजन तैयार करने की व्यवस्था तथा स्वच्छता की स्थिति देखी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को छात्रावास परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने और छात्राओं को आवश्यक सुविधाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर का छात्राओं से सीधा संवाद उनके आत्मविश्वास और भविष्य की दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा।