सीएम हाउस की सुरक्षा पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, धनंजय सिंह ठाकुर बोले- प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री निवास परिसर में कथित उपद्रव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री निवास जैसे सुरक्षित परिसर में ऐसी घटना सामने आती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है। उन्होंने गृह विभाग से जवाबदेही तय करने, अपराधों की निष्पक्ष जांच और महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की। ये आरोप कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री निवास परिसर में कथित उपद्रव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास जैसे अति सुरक्षित परिसर में ऐसी घटना सामने आना सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि जब राजधानी में मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो प्रदेश के आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।
कांग्रेस की ओर से 13 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में धनंजय सिंह ठाकुर ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों के मन से कानून का भय खत्म हो गया है और भाजपा सरकार अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री निवास परिसर में हुई घटना को सामान्य मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि इसकी गंभीरता से जांच कर सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा पर उठाए सवाल
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री निवास राज्य के सबसे महत्वपूर्ण और सुरक्षित परिसरों में शामिल है। ऐसे स्थान पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कथित उपद्रव और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना सामने आने से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठते हैं। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद उपद्रवी परिसर तक कैसे पहुंचे और घटना को रोकने के लिए तैनात व्यवस्था में कहां चूक हुई।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले में केवल बयान जारी करना पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को घटना की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और यदि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री निवास की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी जांच और जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
प्रदेश में अपराधों को लेकर कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने अपने बयान में हत्या, अपहरण, लूट, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, चाकूबाजी और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। धनंजय सिंह ठाकुर का आरोप है कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे पर्याप्त नहीं हैं और अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस प्रशासन को अधिक प्रभावी तरीके से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि घरों, सड़कों, स्कूल-कॉलेजों और बाजारों में आम नागरिकों को सुरक्षित महसूस होना चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने मांग की कि महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जाए और शिकायतों पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाए।
हालांकि, अपराधों की संख्या, घटनाओं की विस्तृत जानकारी और पुलिस कार्रवाई से संबंधित कोई समेकित आंकड़ा प्रेस विज्ञप्ति में प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसलिए कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों को पार्टी के राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए। इन आरोपों के संबंध में सरकार या पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गृह विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी गृह विभाग की है। उन्होंने गृह मंत्री से राजनीतिक बयानबाजी के बजाय पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर ध्यान देने की मांग की। कांग्रेस के अनुसार, अपराधों की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कार्रवाई से ही जनता का भरोसा मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी घटना में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई समय पर होनी चाहिए। यदि शिकायतों और आपराधिक मामलों में कार्रवाई में देरी होती है, तो इससे आम लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी पुलिसिंग पर जोर दिया है।
महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर जोर
कांग्रेस ने महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए कहा कि केवल सरकारी दावों से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती। इसके लिए पुलिस की सक्रियता, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी आवश्यक है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आम नागरिकों को घर से बाहर निकलते समय, बाजारों में जाते समय और बच्चों को स्कूल-कॉलेज भेजते समय सुरक्षा को लेकर आश्वस्त होना चाहिए।
उन्होंने सरकार से अपील की कि कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ दर्ज मामलों की जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में तेजी लाई जाए। कांग्रेस का कहना है कि जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण चाहिए जिसमें लोग बिना भय के अपना दैनिक जीवन जी सकें।
सरकार से ठोस कार्रवाई की अपेक्षा
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रदेश में कानून का राज कायम करने में असफल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस की कार्रवाई प्रभावित हो रही है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में विज्ञप्ति में किसी विशिष्ट मामले या दस्तावेज का विवरण नहीं दिया गया है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित मामलों की जांच और प्रशासनिक पक्ष का सामने आना आवश्यक होगा।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री निवास परिसर की घटना को सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी की प्रमुख मांग है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, सुरक्षा में संभावित चूक की जिम्मेदारी तय की जाए और प्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
अब इस मामले में सरकार और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री निवास परिसर में हुई घटना की परिस्थितियों, सुरक्षा इंतजामों और संबंधित कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार को घेरा है।