छत्तीसगढ़ में बदहाल सड़कों पर कांग्रेस का हमला, 10 हजार किमी सड़कें खराब होने का दावा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने प्रदेश की खराब सड़कों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 10 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें चलने लायक नहीं हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सड़कों की खराब स्थिति से आम नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। पार्टी ने प्रमुख सड़कों का सर्वे कराकर क्षतिग्रस्त मार्गों की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रदेश में खराब सड़कें अब छत्तीसगढ़ की पहचान बनती जा रही हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव पर सड़कों की मरम्मत कराने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि नई सड़कें बनाने के साथ-साथ पुरानी सड़कों का रखरखाव भी जरूरी है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश में 10 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें चलने लायक नहीं हैं। उनके अनुसार, सड़कों पर गड्ढे, उड़ती धूल और क्षतिग्रस्त मार्ग आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि खराब सड़कों का असर वाहन चालकों पर पड़ रहा है और गाड़ियों को नुकसान होने की आशंका बनी रहती है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास और सुशासन के दावे तो कर रही है, लेकिन सड़कों की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है।
खराब सड़कों से आम लोगों को परेशानी का आरोप
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सड़कें आम नागरिकों के दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार हैं। सड़कों की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गड्ढों से भरे मार्ग दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, खराब सड़कों के कारण एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित होने की आशंका रहती है।
धनंजय सिंह ठाकुर के मुताबिक, खराब सड़कों का असर केवल आम यात्रियों तक सीमित नहीं है। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, व्यापारियों को सामान की आवाजाही और विद्यार्थियों व नौकरीपेशा लोगों को रोजाना आने-जाने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और मरम्मत में जनता की गाढ़ी कमाई खर्च होती है, इसलिए इन कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
कांग्रेस ने पिछली सरकार के कार्यों का किया उल्लेख
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सड़क निर्माण, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के सामने पहले से मौजूद सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने की चुनौती है। उनके अनुसार, जनता को केवल विकास के दावे नहीं, बल्कि अच्छी और सुरक्षित सड़कें चाहिए।
उन्होंने कहा कि सड़कों की स्थिति में सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और समय पर मरम्मत जरूरी है। क्षतिग्रस्त मार्गों की अनदेखी करने से समस्याएं बढ़ सकती हैं और आम नागरिकों को लगातार परेशानी उठानी पड़ सकती है।
प्रमुख सड़कों का सर्वे कराने की मांग
कांग्रेस ने राज्य सरकार से प्रदेश की सभी प्रमुख सड़कों का सर्वे कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सर्वे के आधार पर क्षतिग्रस्त मार्गों की पहचान कर प्राथमिकता के साथ मरम्मत कराई जानी चाहिए। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार को सड़क निर्माण और रखरखाव के कार्यों में तेजी लानी चाहिए, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता और मरम्मत को लेकर सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। कांग्रेस ने बदहाल सड़कों को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए मांग की है कि जनता को गड्ढामुक्त सड़कें उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
यह खबर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसमें खराब सड़कों और 10 हजार किलोमीटर से अधिक मार्गों के संबंध में किए गए दावे कांग्रेस के हैं; इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई है।