अरपा को प्रदूषण से बचाने 70 नालों के उपचार की बनेगी समग्र कार्ययोजना
बिलासपुर में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए 70 छोटे-बड़े नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने नगर निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रत्येक नाले की स्थिति और पानी की मात्रा का आकलन कर विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के साथ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. बिलासपुर l बिलासपुर में अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए नगर निगम क्षेत्र के 70 छोटे-बड़े नालों के पानी के उपचार की समग्र कार्ययोजना तैयार की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बिलासपुर कलेक्टोरेट में नगर निगम की योजनाओं, विकास कार्यों और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इस दिशा में विस्तृत डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों का दूषित पानी सीधे अरपा नदी में न पहुंचे, इसके लिए प्रभावी और दीर्घकालीन समाधान विकसित करना जरूरी है।
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि बिलासपुर में कुल 70 छोटे-बड़े नाले अरपा नदी में मिलते हैं। प्रमुख सचिव ने प्रत्येक नाले की स्थिति, उसमें आने वाले पानी की मात्रा और उपचार की आवश्यकता का आकलन करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि डीपीआर तैयार करते समय तकनीकी व्यवहार्यता, भविष्य की जरूरतों और योजना के दीर्घकालीन प्रभावों का भी सूक्ष्म परीक्षण किया जाए। उनका जोर इस बात पर रहा कि नालों के पानी का समुचित उपचार करने के बाद ही उसे नदी में प्रवाहित करने की व्यवस्था विकसित की जाए।
सोनमणि बोरा ने कहा कि आने वाला समय पानी का है, इसलिए सतही जल स्रोतों की स्वच्छता और संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने शहर की स्वच्छता व्यवस्था की भी समीक्षा की और इसे लगातार बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावी और स्थायी बनी रहे। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रमुख सचिव ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास एवं निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। नगरीय सेवाओं से जुड़ी परियोजनाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सौर ऊर्जा आधारित परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्माणाधीन एजुकेशन हब नालंदा परिसर की प्रगति की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 500 लोगों की बैठक क्षमता वाले नालंदा परिसर को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रथम तल का स्लैब पूरा हो चुका है, जबकि द्वितीय तल का स्लैब लगभग 50 प्रतिशत पूरा हुआ है। प्रमुख सचिव ने निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना और नगरीय अधोसंरचना के कार्यों की समीक्षा में बताया गया कि बिलासपुर में अधोसंरचना मद के तहत कुल 542 कार्य स्वीकृत हैं। इनमें 334 कार्य पूरे हो चुके हैं, 182 कार्य प्रगतिरत हैं और 26 कार्य अभी शुरू नहीं हुए हैं। प्रमुख सचिव ने प्रगतिरत कार्यों में तेजी लाने और गुणवत्ता के साथ समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा बैठक के बाद सोनमणि बोरा ने कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह और नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के साथ तारबाहर स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। उन्होंने आईटीएमएस की कार्यप्रणाली और संचालन का जायजा लिया। कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उपयोगी बताते हुए उन्होंने शहर की यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।