सिकोलाभाठा स्कूल में विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया, कलाम के जन्मदिवस पर विद्यार्थियों को पेन-चॉकलेट वितरित
दुर्ग के सिकोलाभाठा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिवस पर विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया गया। हंसराज नवयुवक मंडल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पेन और चॉकलेट वितरित किए गए। साथ ही उन्हें नैतिक शिक्षा की शपथ दिलाकर डॉ. कलाम के जीवन, संघर्ष और विचारों से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग l सिकोलाभाठा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में भारत रत्न और देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जन्मदिवस के अवसर पर विश्व विद्यार्थी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को शिक्षा, नैतिक मूल्यों और अनुशासन के महत्व से अवगत कराने के उद्देश्य से प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाजसेवी संगठन हंसराज नवयुवक मंडल, आईएचएसडीपी कॉलोनी उरला दुर्ग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पेन और चॉकलेट वितरित किए गए। साथ ही उन्हें जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने, शिक्षा के प्रति समर्पित रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान संस्था के सदस्यों ने विद्यार्थियों को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के प्रेरणादायक जीवन, उनके संघर्ष, उपलब्धियों और विचारों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर परिश्रम और शिक्षा के प्रति लगन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने वाले डॉ. कलाम ने अपने जीवन से करोड़ों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए प्रेरित किया।
संस्था के सदस्यों ने विद्यार्थियों को समझाया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और संस्कारवान इंसान बनना भी है। विद्यार्थियों को अपने माता-पिता, शिक्षकों और बड़ों का सम्मान करने, अनुशासन का पालन करने, ईमानदारी के साथ कार्य करने तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान नैतिक शिक्षा की शपथ दिलाकर छात्रों को डॉ. कलाम के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया गया।
विद्यालय की प्राचार्य एलिजाबेथ राय सहित शिक्षकगण अहिल्या देवहरे, अर्चना दुबे, उत्तरा खेलवार, गरिमा और रीता कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। सभी ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया। शिक्षकों ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से जुड़ी प्रेरक कहानियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हंसराज नवयुवक मंडल की ओर से सुशीला गजभिए, रसना मुखर्जी, इंद्राणी साहू, संगीता साहू, नाजमीन खान, चंद्रशेखर पारख, आत्माराम साहू, अमजद खान, सोनू यादव और पूननूलाल सूर्यवंशी की उल्लेखनीय सहभागिता रही। कार्यक्रम का संयोजन जयवर्धन गजभिए ने किया। संस्था के सदस्यों ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि देश का भविष्य आज के विद्यार्थियों के हाथों में है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के बताए मार्ग पर चलने, निरंतर अध्ययन करने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और एक शिक्षित एवं सभ्य नागरिक बनने का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरणा देने के साथ शिक्षा और नैतिक मूल्यों के महत्व का संदेश दिया गया।