गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में किसानों का ज्ञापन, विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने सरकार से की कार्रवाई की मांग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष रामनारायण राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और किसानों से जुड़ी कई मांगों को सरकार के सामने रखा।
UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, मरवाही l गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष रामनारायण राय के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और खेती-किसानी से जुड़ी कई समस्याओं को सरकार के सामने रखा। किसान संघ ने मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
भारतीय किसान संघ का कहना है कि किसान छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ देश और प्रदेश की महत्वपूर्ण पूंजी हैं। इसके बावजूद किसानों को खेती से जुड़ी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने ज्ञापन के माध्यम से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने, कृषि लागत और उत्पादन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने तथा खेती के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
किसान संघ ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर गौवंदन योजना लागू करने और प्रति गाय 50 रुपये प्रतिदिन किसानों को दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही पूर्व सरकार के कार्यकाल की चौथी किश्त के रूप में किसानों की लंबित 1700 करोड़ रुपये की राशि दिलाने तथा धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 3358 रुपये प्रति क्विंटल किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ ने सब्जी और फल उत्पादक किसानों को भी कृषि उन्नति योजना से जोड़ने की मांग की। धान खरीदी व्यवस्था को लेकर प्रति बोरा 40.700 किलो वजन लेने के नियम का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और किसानों को उनकी भूमि के अनुसार पर्याप्त टोकन उपलब्ध कराने की मांग की गई। किसानों का कहना है कि खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और पर्याप्त टोकन मिलने से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा होगी।
हालिया भारी बारिश और बाढ़ से फसलों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने की मांग भी किसान संघ ने उठाई। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों के हितों का ध्यान रखने तथा गर्मी के धान उत्पादन को हतोत्साहित करने के लिए गेहूं, चना और मक्का जैसी रबी फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की मांग रखी गई।
सिंचाई व्यवस्था को लेकर संघ ने धोबहर-झंडीटोला में नए बांध के निर्माण, मलानिया बांध का पानी सधवानी तक पहुंचाने और सोन नदी पर बने एनीकट के गेटों की मरम्मत की मांग की। वहीं मरवाही धान उपार्जन केंद्र से जुड़े ग्राम कटरा को दोबारा मरवाही उपार्जन केंद्र से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने, नए ट्रांसफार्मर लगाने और कृषि फीडरों में बिजली कटौती की समस्या खत्म करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
मरवाही क्षेत्र में हाथियों से फसल नुकसान को लेकर किसान संघ ने मुआवजा बढ़ाने की मांग की। संघ ने खेत में बची फसल की क्रॉप कटिंग कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने और प्रति एकड़ 65 हजार रुपये तक मुआवजा देने की मांग रखी। साथ ही लंबित मुआवजा प्रकरणों का जल्द भुगतान करने की मांग की गई। संघ ने वन क्षेत्रों में फलदार पौधे लगाने का सुझाव भी दिया, ताकि जंगली जानवरों को जंगल के भीतर पर्याप्त भोजन मिल सके और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिले।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला मंत्री सीताराम केवट सहित सावन राय, माखन रजक, कमलेश राठौर, ध्यान सिंह, चंदर लाल, अरुण राय, दशरथ रजक समेत बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। भारतीय किसान संघ ने किसानों से जुड़ी इन मांगों पर शासन-प्रशासन से जल्द सकारात्मक कार्रवाई की मांग की है।