कवर्धा में पेट्रोल डालकर बहू को जलाने की कोशिश का आरोप, 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से झुलसी
कवर्धा जिले के नरोधी गांव में 26 वर्षीय लीला पाली को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पीड़िता के अनुसार घटना 4 सितंबर को हुई, जिसमें उसके पति, ससुर रूप सिंह पाली और सास कुंती पाली पर वारदात का आरोप है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है, लेकिन पीड़िता का आरोप है कि नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। गंभीर रूप से झुलसी लीला ने एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा जिले के नरोधी गांव से एक महिला को कथित तौर पर पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। घटना में 26 वर्षीय लीला पाली गंभीर रूप से झुलस गई हैं। पीड़िता के अनुसार यह घटना 4 सितंबर को हुई थी। लीला ने अपने पति, ससुर रूप सिंह पाली और सास कुंती पाली पर कथित रूप से पेट्रोल डालकर उन्हें जलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। घटना के बाद महिला का उपचार कराया गया, लेकिन अब वह पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही है।
पीड़िता का कहना है कि घटना के संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन जिन लोगों के खिलाफ उसने नामजद शिकायत की है, उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। गंभीर रूप से झुलसी महिला का आरोप है कि वह शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान है। उसके दो छोटे बच्चे भी हैं और इस स्थिति में उसे न्याय के लिए लगातार पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
लीला के मुताबिक, उसने पूरे मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी लिखित शिकायत प्रस्तुत की है। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत और एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उसका कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण उसे अपने और अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से जांच और कार्रवाई की वास्तविक स्थिति क्या है, यह पुलिस के आधिकारिक बयान और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पीड़िता ने वीडियो जारी कर सरकार और संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। गंभीर रूप से झुलसी लीला ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय दिलाने की मांग की है। महिला का कहना है कि वह घटना के बाद से मुश्किल दौर से गुजर रही है और उसे उम्मीद है कि पुलिस मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कवर्धा को गृह मंत्री विजय शर्मा का गृह जिला बताया जाता है। ऐसे में गंभीर रूप से झुलसी एक महिला द्वारा न्याय की गुहार लगाए जाने और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने से मामला और संवेदनशील हो गया है। हालांकि, आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी और किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने से पहले न्यायिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है या नहीं और यदि गिरफ्तारी नहीं हुई है तो इसकी वजह क्या है। पुलिस जांच में घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ, आरोपों की पुष्टि के लिए कौन-कौन से साक्ष्य सामने आए हैं और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, इन सभी बिंदुओं पर स्थिति पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
पीड़िता की ओर से सरकार और पुलिस प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की गई है। अब देखना होगा कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और पुलिस द्वारा आरोपों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।