बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल को नुकसान, किसान नेता राजू शर्मा ने मुआवजे और सर्वे की मांग की
छत्तीसगढ़ के तिल्दा, सुहेला और खरोरा अंचल में चक्रवात के असर, बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से धान की फसल प्रभावित होने की बात सामने आई है। किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सर्वे, नहरों में पानी की आपूर्ति बंद करने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा नेवरा l छत्तीसगढ़ के तिल्दा, सुहेला और खरोरा अंचल में चक्रवात के असर, बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान नेता एवं पूर्व जिला पंचायत सभापति राजू शर्मा के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों में पककर तैयार धान की फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर गिर गई है। खेतों में गिरी धान की बालियां कीचड़ में दबने से फसल खराब होने की आशंका बढ़ गई है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने की चिंता है।
खेतों में गिरी धान की फसल, बढ़ी किसानों की परेशानी
राजू शर्मा ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर खेतों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि किसानों ने फसल तैयार करने के लिए खाद, बीज, मजदूरी और अन्य कृषि कार्यों पर काफी खर्च किया है। ऐसे समय में बेमौसम बारिश से फसल को नुकसान होने पर किसानों के लिए लागत निकालना भी मुश्किल हो सकता है।
उन्होंने चिंता जताई कि यदि मौसम जल्द साफ नहीं होता है, तो धान की कटाई और फसल को सुरक्षित रखने में परेशानी बढ़ सकती है। खेतों में पानी और कीचड़ के कारण गिरी हुई फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।
नहरों में पानी बंद करने की मांग
किसानों की स्थिति को देखते हुए राजू शर्मा ने संबंधित मुख्य अभियंता से नहरों और नालियों में छोड़े जा रहे पानी को तत्काल बंद करने की मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के बीच खेतों में अतिरिक्त पानी पहुंचने से फसल को और नुकसान हो सकता है। इसलिए हालात को देखते हुए संबंधित विभाग को शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन से प्रभावित गांवों में तत्काल सर्वे कराने की भी मांग की है, ताकि नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
पटवारी और कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाने का आग्रह
राजू शर्मा ने कहा कि प्रभावित खेतों का निष्पक्ष आकलन कराने के लिए पटवारी और कृषि अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित की जानी चाहिए। टीम के माध्यम से खेतों में गिरी फसल, खराब हुई बालियों और अन्य नुकसान का निरीक्षण कर नियमानुसार रिपोर्ट तैयार की जाए।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों को लागू नियमों और पात्रता के अनुसार शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर किसानों की समस्याओं का समाधान कराने का आग्रह किया।
धान खरीदी की तारीख को लेकर भी चिंता
राजू शर्मा ने 15 नवंबर से प्रस्तावित धान खरीदी को लेकर भी किसानों की समस्याएं उठाईं। उनका कहना है कि जिन किसानों की फसल अभी खेतों में है या बारिश के कारण कटाई में देरी हो रही है, उनके सामने धान की कटाई, सुखाने और भंडारण की चुनौती खड़ी हो सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन किसानों के पास पर्याप्त कोठार या खलिहान की सुविधा नहीं है, वे अपनी उपज को सुरक्षित कहां रखेंगे।
राजू शर्मा ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराने तथा नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को जल्द राहत देने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर सर्वे और सहायता मिलने से किसानों को इस मुश्किल दौर में कुछ आर्थिक संबल मिल सकेगा।