सेवा संकल्प अभियान के तहत आज महाराजबंध तालाब में होगा श्रमदान, सफाई अभियान
स्वच्छता ही सेवा 2026 एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर के महाराजबंध तालाब में 25 सितंबर को श्रमदान और तालाब सफाई अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान में स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l स्वच्छता ही सेवा 2026 एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत रायपुर शहर में श्रमदान और तालाब सफाई अभियान का आयोजन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।
यह श्रमदान अभियान 25 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से महाराजबंध तालाब, मठपारा, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। अभियान के दौरान तालाब परिसर और आसपास के क्षेत्र की सफाई के लिए श्रमदान किया जाएगा। इसके माध्यम से लोगों को सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के आयोजकों ने रायपुर शहर की सभी स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से महाराजबंध तालाब को स्वच्छ और सुंदर बनाने के साथ स्वच्छता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
स्वच्छता ही सेवा अभियान के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे अभियानों में स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सहभागिता को महत्वपूर्ण माना जाता है। तालाबों और अन्य सार्वजनिक जलस्रोतों की नियमित साफ-सफाई से उनके आसपास का वातावरण बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
महाराजबंध तालाब में आयोजित होने वाले इस श्रमदान अभियान के जरिए नागरिकों से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील भी की जाएगी। अभियान में शामिल होने वाले स्वयंसेवक सामूहिक रूप से सफाई कार्य में योगदान देंगे और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेंगे।
आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे 25 सितंबर की सुबह महाराजबंध तालाब पहुंचकर श्रमदान अभियान में सहभागिता करें और तालाब को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में अपना योगदान दें। अभियान को सफल बनाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी की अपेक्षा की गई है।