रायपुर के बीटीआई ग्राउंड में कमर्शियल-रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट का कांग्रेस ने किया विरोध, मैदान बचाने की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में प्रस्तावित कमर्शियल एवं रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट का विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी में खुले मैदानों की पहले से कमी है। बीटीआई ग्राउंड स्थानीय नागरिकों, बच्चों और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों के लिए महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने सरकार से मैदान को सुरक्षित रखने और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।

Oct 22, 2026 - 09:54
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रायपुर के बीटीआई ग्राउंड में कमर्शियल-रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट का कांग्रेस ने किया विरोध, मैदान बचाने की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में कमर्शियल एवं रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट बनाए जाने के प्रस्ताव का छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राजधानी में अब मुश्किल से एक-दो खुले मैदान बचे हैं, लेकिन सरकार उन मैदानों को भी व्यावसायिक उपयोग में लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण खुला मैदान है, जहां स्थानीय नागरिक सुबह-शाम सैर करते हैं और विभिन्न सामाजिक, सार्वजनिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में मैदान के बीच कमर्शियल और रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट विकसित करना जनहित के विपरीत है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रायपुर में खुले मैदानों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। पहले सरकारी स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के मैदानों में बच्चे खेलते थे तथा स्थानीय लोग सामुदायिक गतिविधियां आयोजित करते थे। कांग्रेस का आरोप है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकारों के कार्यकाल में साइंस कॉलेज मैदान, सप्रे स्कूल, आरडी तिवारी स्कूल, मोवा स्कूल और अन्य सरकारी स्कूलों के मैदानों में निर्माण एवं दुकानों जैसी गतिविधियों के कारण खुले स्थानों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। अब बीटीआई ग्राउंड पर भी निर्माण की योजना राजधानी के नागरिकों के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि बीटीआई ग्राउंड बच्चों के खेलकूद और स्थानीय नागरिकों की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदि यहां व्यावसायिक और आवासीय निर्माण किया जाता है, तो वर्तमान में मैदान का उपयोग करने वाले बच्चों, युवाओं और नागरिकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था क्या होगी। राजधानी में ऐसे कितने खुले मैदान उपलब्ध हैं, जहां लोग सामान्य खेलकूद, सामाजिक कार्यक्रम और सांस्कृतिक गतिविधियां कर सकें? इन सवालों का जवाब सरकार को देना चाहिए।

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी केवल निर्माण परियोजनाएं विकसित करना या राजस्व अर्जित करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। खुले मैदान शहरी जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनसे बच्चों को खेलने का अवसर मिलता है, युवाओं को खेल गतिविधियों के लिए स्थान मिलता है और नागरिकों को सुबह-शाम व्यायाम एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक जगह उपलब्ध होती है। ऐसे स्थानों का संरक्षण शहर के संतुलित विकास के लिए आवश्यक है।

सुशील आनंद शुक्ला ने राज्य सरकार से बीटीआई ग्राउंड में प्रस्तावित कमर्शियल एवं रेसिडेंशियल प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार करने और मैदान को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को बिल्डर की भूमिका निभाने के बजाय सामाजिक सरोकारों और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि राजधानी के बचे हुए खुले मैदानों को संरक्षित करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को खेलकूद, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान मिल सके।