महतारी वंदन योजना में महिलाओं से राशि की वसूली पर कांग्रेस का विरोध, भाजपा सरकार पर लगाए धोखा देने के आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को अपात्र बताकर पहले दी गई राशि की वसूली किए जाने पर विरोध जताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान हर विवाहित महिला को प्रतिमाह 1,000 रुपये देने का वादा किया था, लेकिन सरकार बनने के बाद पात्रता संबंधी शर्तें लागू कर कई महिलाओं को योजना के लाभ से वंचित किया जा रहा है। कांग्रेस ने महिलाओं से राशि वसूली रोकने और योजना के लाभार्थियों के साथ न्याय करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को पहले दी गई राशि की वसूली के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने महिलाओं को अपात्र बताकर वसूली की कार्रवाई किए जाने पर आपत्ति जताई है। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने भाजपा सरकार पर महिलाओं के साथ अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि योजना का लाभ प्राप्त कर रही महिलाओं को वसूली के नोटिस जारी करना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में संवेदनशीलता बरतने की मांग की।
वंदना राजपूत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी के तहत हर विवाहित महिला को महतारी वंदन योजना का लाभ देने का वादा किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार बनने के बाद पात्रता से जुड़ी शर्तें लागू कर दी गईं, जिनमें सरकारी नौकरी और आयकर से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादों और बाद में लागू किए गए नियमों के बीच अंतर को लेकर महिलाओं में असंतोष है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि महिलाओं को योजना का लाभ दिया गया था, तो अब उनसे पहले दी गई राशि वापस मांगने की जरूरत क्यों पड़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता ने योजना के तहत दी जाने वाली प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता राशि को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर बिजली बिल में बढ़ोतरी और अन्य घरेलू खर्चों का बोझ परिवारों पर बढ़ रहा है। वंदना राजपूत ने कहा कि केवल 1,000 रुपये की सहायता से परिवार की सभी जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोजगार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
उन्होंने स्वसहायता समूहों की भूमिका का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि महिलाओं को समूहों के माध्यम से मिलने वाले काम और रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उनकी नियमित आय बढ़ाने के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। पार्टी ने सरकार की शराब नीति पर भी सवाल उठाए और कहा कि महिला कल्याण के नाम पर सहायता राशि देने के साथ परिवारों के सामाजिक और आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
वंदना राजपूत ने लाभार्थियों की संख्या में कथित कमी को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। उनके अनुसार, शुरुआत में लगभग 70 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा था, जबकि अब करीब 68 लाख महिलाएं लाभार्थी हैं। कांग्रेस ने इस अंतर के कारणों को सार्वजनिक करने और यह स्पष्ट करने की मांग की कि कितनी महिलाओं को किन नियमों के आधार पर योजना से बाहर किया गया है।
कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना के तहत राशि वसूली की कार्रवाई पर पुनर्विचार करने, पात्र महिलाओं को नियमित सहायता देने और लाभार्थियों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि महिला कल्याण योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देना होना चाहिए, न कि उन्हें अनावश्यक परेशानी में डालना। हालांकि, वसूली और लाभार्थियों की संख्या से संबंधित आंकड़े कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत किए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की गई है।