छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी की तैयारी प्रभावित, कांग्रेस ने सरकार से समाधान निकालने की मांग की

छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि हड़ताल के कारण किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में सुधार, फार्मर आईडी से खसरों की लिंकिंग और धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। कांग्रेस ने आशंका जताई कि समय पर रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने से किसानों को धान बेचने में परेशानी हो सकती है।

Oct 22, 2026 - 09:56
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छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल से धान खरीदी की तैयारी प्रभावित, कांग्रेस ने सरकार से समाधान निकालने की मांग की

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में पटवारियों की हड़ताल के कारण धान खरीदी से पहले की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पटवारियों की हड़ताल के चलते किसानों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे धान खरीदी के लिए आवश्यक पंजीयन, भूमि रिकॉर्ड में सुधार और फसल के रकबे के सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं में देरी हो सकती है।

दीपक बैज ने कहा कि इस वर्ष धान विक्रय के लिए एग्री-स्टैक पोर्टल पर पंजीयन और फार्मर आईडी आवश्यक है। इसके साथ ही किसानों के धान विक्रय से संबंधित खसरों को फार्मर आईडी से लिंक करना भी जरूरी है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से फसल और रकबे से संबंधित प्रविष्टियां 31 अक्टूबर तक पूरी की जानी हैं। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल के कारण राजस्व संबंधी काम प्रभावित होने से किसानों के सामने नई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भूमि रिकॉर्ड, खसरा, मैपिंग, बैंक खाते, नामांतरण, बंटवारा और फसल के रकबे में अंतर जैसी त्रुटियों को समय पर सुधारना जरूरी है। पटवारियों के प्रतिवेदन के अभाव में तहसीलदार और एसडीएम कार्यालयों में राजस्व प्रकरण लंबित होने की स्थिति भी सामने आ रही है। किसानों को फौती, नामांतरण, बंटवारा और रिकॉर्ड में त्रुटि सुधार के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की है। ऐसे में सवाल उठता है कि हड़ताल जारी रहने पर सभी किसानों का पंजीयन समय पर कैसे पूरा होगा। यदि किसानों के भूमि रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों में सुधार नहीं हो पाया, तो उन्हें धान बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कांग्रेस ने आशंका जताई कि इसका असर हजारों किसानों पर पड़ सकता है।

पटवारियों की हड़ताल के पीछे नए पीवी ऐप यानी फिजिकल वेरिफिकेशन ऐप को लेकर विरोध भी एक प्रमुख कारण बताया गया है। दीपक बैज के अनुसार, पटवारी इस ऐप के माध्यम से डिजिटल सर्वे और जीपीएस आधारित फोटो अपलोड करने की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐप में सर्वर डाउन रहने, लोकेशन मैच नहीं होने और खेतों में खड़ी फसल के भौतिक सत्यापन के दौरान व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। पटवारी संघ पहले भी इन समस्याओं से सरकार को अवगत करा चुका था, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण हड़ताल की स्थिति बनी।

कांग्रेस ने कहा कि सरकार को पटवारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए बातचीत के माध्यम से विवाद सुलझाना चाहिए, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया प्रभावित न हो। किसानों को समय पर पंजीयन और राजस्व रिकॉर्ड में सुधार की सुविधा मिलना आवश्यक है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला के नाम से जारी विज्ञप्ति में सरकार से हड़ताल का शीघ्र समाधान निकालने और किसानों की परेशानी दूर करने की मांग की गई है।