रायगढ़ के किण्डर वैली प्ले स्कूल में नवरात्रि की धूम, माँ दुर्गा के स्वरूप में सजी बालिका बनी आकर्षण का केंद्र

रायगढ़ के किण्डर वैली प्ले स्कूल में नवरात्रि पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। पारंपरिक परिधानों में सजे नन्हे विद्यार्थियों ने गरबा, डांडिया और भक्ति गीतों पर शानदार प्रस्तुतियां दीं। माँ दुर्गा के स्वरूप में सजी बालिका कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। बच्चों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के महत्व से परिचित कराया गया।

Oct 18, 2026 - 10:07
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रायगढ़ के किण्डर वैली प्ले स्कूल में नवरात्रि की धूम, माँ दुर्गा के स्वरूप में सजी बालिका बनी आकर्षण का केंद्र

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l नवरात्रि के पावन पर्व पर रायगढ़ के किण्डर वैली प्ले स्कूल में भक्ति, उत्साह और भारतीय संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। विद्यालय परिसर में नवरात्रि उत्सव हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान पहनकर कार्यक्रम में भाग लिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों, गरबा और डांडिया नृत्य ने पूरे विद्यालय परिसर को उत्सवमय बना दिया। माँ दुर्गा के स्वरूप में सजी एक बालिका कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही।

कार्यक्रम में प्ले ग्रुप, नर्सरी, पीपी-1 और पीपी-2 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। बालिकाएं लाल और सफेद रंग की आकर्षक साड़ियों में नजर आईं, जबकि बालक पारंपरिक कुर्ता-धोती पहनकर विद्यालय पहुंचे। कुछ बच्चे विशेष डांडिया परिधानों में सजकर आए थे। इस दौरान मुकुट और त्रिशूल धारण कर माँ दुर्गा के स्वरूप में पहुंची बालिका ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। उसके मनमोहक स्वरूप ने कार्यक्रम में धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को और अधिक जीवंत बना दिया।

नवरात्रि उत्सव के लिए विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। गेंदे के फूलों की झालरों, हरे पत्तों और सफेद फूलों की पंखुड़ियों से की गई सजावट ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। परिसर में माँ दुर्गा का चित्र और कलश स्थापित किया गया था। रंग-बिरंगी झंडियों और फूलों से सजी छतरी कार्यक्रम की सुंदरता बढ़ा रही थी। विशेष रूप से तैयार सजावटी कमल पर माँ दुर्गा के शक्ति, साहस, करुणा, भक्ति, ज्ञान और पवित्रता जैसे गुणों को दर्शाया गया था। शिक्षिकाओं ने इन गुणों के माध्यम से बच्चों को देवी दुर्गा के आदर्शों और उनके महत्व की जानकारी दी।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नन्हे विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों, गरबा और डांडिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हाथों में रंग-बिरंगे डांडिया लेकर बच्चों ने जोड़ियों में नृत्य किया। पारंपरिक संगीत की धुनों पर बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। उनकी प्रस्तुतियों ने पूरे विद्यालय में उल्लास और आनंद का वातावरण बना दिया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को नवरात्रि पर्व की धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक परंपराओं और माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के महत्व से परिचित कराया गया।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों का उद्देश्य बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और त्योहारों के सामाजिक महत्व से जोड़ना है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय की डायरेक्टर रीनू, कोऑर्डिनेटर नम्रता चौहान, शिक्षिकाओं और समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष योगदान रहा। सभी ने बच्चों को कार्यक्रम की तैयारियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सहयोग प्रदान किया। नवरात्रि उत्सव का समापन बच्चों के उत्साह, खुशियों और भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। विद्यालय का यह आयोजन नन्हे विद्यार्थियों के लिए मनोरंजन के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का यादगार अवसर बना।