रायगढ़: घरघोड़ा-तमनार में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के निर्माण कार्यों की जांच की मांग, एस्टिमेट सार्वजनिक करने की उठी आवाज

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा, तमनार और धर्मजयगढ़ क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग उठी है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने, स्वीकृत राशि और इंजीनियर द्वारा तैयार एस्टिमेट की प्रति सार्वजनिक करने तथा निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मांग है कि जांच में अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

Oct 15, 2026 - 13:03
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रायगढ़: घरघोड़ा-तमनार में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के निर्माण कार्यों की जांच की मांग, एस्टिमेट सार्वजनिक करने की उठी आवाज

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा, तमनार और धर्मजयगढ़ क्षेत्र में ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर जांच की मांग उठने लगी है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्यों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने, कार्यस्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने और इंजीनियर द्वारा तैयार प्राक्कलन यानी एस्टिमेट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी राशि से होने वाले विकास कार्यों की जानकारी आम नागरिकों को मिलनी चाहिए, ताकि निर्माण की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन की निगरानी की जा सके।

निर्माण कार्यों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग

क्षेत्रवासियों के अनुसार, सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना और लोगों को विकास का लाभ पहुंचाना है। ऐसे में यह जरूरी है कि संबंधित विभाग निर्माण कार्यों की स्वीकृत राशि, निर्धारित समयसीमा, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक करे। यदि कार्यों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, तो आम नागरिकों के लिए निर्माण की गुणवत्ता और स्वीकृत मापदंडों के पालन की निगरानी करना मुश्किल होगा।

कार्यस्थल पर एस्टिमेट की प्रति चस्पा करने की मांग

स्थानीय लोगों ने घरघोड़ा और तमनार ब्लॉक में संचालित निर्माण कार्यों के स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाने की मांग की है। इन बोर्डों पर कार्य का नाम, स्वीकृत लागत, निर्माण की समयसीमा, संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारी का विवरण स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए। इसके साथ ही इंजीनियर द्वारा तैयार प्राक्कलन की प्रति भी नियमानुसार सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिससे स्वीकृत कार्य और मौके पर हो रहे निर्माण का मिलान किया जा सके। इससे स्थानीय नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी और निर्माण कार्यों की निगरानी अधिक प्रभावी हो सकेगी।

सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी सवाल

क्षेत्रवासियों का कहना है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के लिए उनकी जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार जरूरी है। योजनाओं की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी सार्वजनिक माध्यमों से उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो। विभाग को निर्माण कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सूचना व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की हो निष्पक्ष जांच

क्षेत्र में उठ रही मांगों के बीच संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से घरघोड़ा एवं तमनार ब्लॉक में संचालित निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने की अपेक्षा की गई है। जांच के दौरान स्वीकृत प्राक्कलन, निर्माण सामग्री, निर्धारित गुणवत्ता मानकों, कार्य की वास्तविक स्थिति और भुगतान से संबंधित अभिलेखों का नियमानुसार परीक्षण किया जाना चाहिए। यदि जांच में अनियमितता या गुणवत्ता में कमी प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

पारदर्शिता से मजबूत होगा जनता का विश्वास

क्षेत्रवासियों का मानना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। सरकारी धन से होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य की जानकारी जनता तक पहुंचनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों की निगरानी में नागरिक भी अपनी भूमिका निभा सकें। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और जिला प्रशासन इन मांगों पर क्या कदम उठाते हैं तथा निर्माण कार्यों की जांच और जानकारी सार्वजनिक करने की दिशा में कब तक कार्रवाई की जाती है।