पलना दशहरा में फिर दिखेगा संतराम नेताम का कुंभकरण अवतार, BEO विजय नाग बनेंगे रावण
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल के ग्राम पलना में 22 अक्टूबर को दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक संतराम नेताम कुंभकरण की भूमिका निभाएंगे, जबकि विश्रामपुरी विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी विजय नाग रावण के किरदार में नजर आएंगे। रामायण के सुंदरकांड से लंकाकांड तक सजीव मंचन और रायपुर के लोकधारा मंच की सांस्कृतिक प्रस्तुति आयोजन के प्रमुख आकर्षण होंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. राज पांडे, केशकाल l बस्तर अंचल में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले ग्राम पलना में 22 अक्टूबर 2026, गुरुवार को दशहरा पर्व पारंपरिक उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा। इस वर्ष भी दशहरा उत्सव में रामायण के प्रसंगों का सजीव मंचन दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। आयोजन की खास बात यह है कि पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष एवं केशकाल के पूर्व विधायक संतराम नेताम कुंभकरण की भूमिका निभाएंगे, जबकि विश्रामपुरी विकासखंड के खंड शिक्षा अधिकारी विजय नाग रावण के किरदार में नजर आएंगे। दोनों के अभिनय को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।
पैतृक गांव की परंपराओं से संतराम नेताम का गहरा जुड़ाव
संतराम नेताम का पैतृक गांव पलना है। उनका गांव की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक आयोजनों से लंबे समय से जुड़ाव रहा है। राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद वे अपने गांव के पारंपरिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। पलना के दशहरा उत्सव में कुंभकरण का अभिनय करना उनकी खास पहचान बन चुका है। विधायक रहते हुए भी वे इस आयोजन में अभिनय कर चुके हैं। इस बार फिर कुंभकरण की भूमिका में उनकी प्रस्तुति दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहने वाली है।
संतराम नेताम का पारंपरिक और सहज अंदाज स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रहता है। सामाजिक आयोजनों में सहभागिता के साथ वे स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से अपने जुड़ाव को भी प्रदर्शित करते हैं। दशहरा जैसे पारंपरिक आयोजन में उनकी भागीदारी गांव की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बनती है।
सुंदरकांड से लंकाकांड तक जीवंत होगी रामायण
ग्राम पलना का दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रामायण के प्रसंगों को सजीव रूप में प्रस्तुत करने वाली सांस्कृतिक परंपरा के लिए भी जाना जाता है। यहां सुंदरकांड से लेकर लंकाकांड तक रामायण की कथा को विभिन्न पात्रों के संवाद और अभिनय के माध्यम से मंच पर जीवंत किया जाता है। कलाकारों की प्रस्तुतियां दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ती हैं और धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण निर्मित करती हैं।
इस वर्ष संतराम नेताम के कुंभकरण और विजय नाग के रावण के किरदार को लेकर विशेष उत्साह है। दोनों पात्र रामायण के लंकाकांड के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इनके अभिनय के माध्यम से दर्शकों को पारंपरिक रामलीला का अनुभव मिलेगा। यह आयोजन नई पीढ़ी को धार्मिक कथाओं, लोकनाट्य और क्षेत्रीय सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
लोकधारा रायपुर की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी आकर्षण
दशहरा पर्व के अवसर पर रात्रिकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें रायपुर के लोकधारा मंच द्वारा छत्तीसगढ़ की लोककला और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित प्रस्तुति दी जाएगी। रामायण के सजीव मंचन के साथ लोकधारा की प्रस्तुति कार्यक्रम की रौनक बढ़ाएगी। इससे दर्शकों को धार्मिक आयोजन के साथ छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति का आनंद लेने का अवसर मिलेगा।
ग्रामवासियों ने क्षेत्रवासियों को किया आमंत्रित
ग्राम पलना में दशहरा पर्व को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। आयोजक समस्त ग्रामवासियों ने क्षेत्र के लोगों से 22 अक्टूबर को ग्राम पलना पहुंचकर दशहरा उत्सव, रामायण के सजीव मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने की अपील की है। पारंपरिक अभिनय, धार्मिक आस्था और लोककला का संगम इस वर्ष के पलना दशहरा को खास बनाएगा।