एनटीपीसी लारा की पोषण सुरक्षा की दिशा में पहल, किसानों को बांटे पपीता, सहजन, नींबू और आम के पौधे
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एनटीपीसी लारा ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत ग्रामीण किसानों को फलदार एवं पोषणयुक्त पौधे वितरित किए। पपीता, सहजन, नींबू और आम के पौधों के जरिए ग्रामीण परिवारों को पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ के सहयोग से किसानों को पौधों की देखभाल और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों का मार्गदर्शन भी मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ग्रामीण विकास, पोषण सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एनटीपीसी लारा ने महत्वपूर्ण पहल की है। कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत आयोजित पौध वितरण कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय किसानों को फलदार एवं पोषणयुक्त पौधे वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को ताजे फल और पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें घरेलू स्तर पर पोषण के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम के माध्यम से टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में हरियाली बढ़ाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
पोषण वाटिका विकसित करने के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित
एनटीपीसी लारा की इस पहल के तहत स्थानीय किसानों को पपीता, सहजन, नींबू और आम के पौधे वितरित किए गए। इन पौधों के माध्यम से किसानों को अपने घरों और उपलब्ध भूमि पर पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पोषण वाटिका ग्रामीण परिवारों को अपने आसपास ही ताजे फल और पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने का एक उपयोगी माध्यम बन सकती है। इससे बाजार पर निर्भरता कम करने के साथ परिवारों के दैनिक आहार में विविधता लाने में भी मदद मिल सकती है।
पपीता, सहजन, नींबू और आम जैसे पौधे घरेलू पोषण की दृष्टि से उपयोगी माने जाते हैं। इन पौधों को उचित देखभाल के साथ विकसित करने पर परिवारों को लंबे समय तक लाभ मिल सकता है। पोषण वाटिका की अवधारणा ग्रामीण परिवारों को अपने स्तर पर पौष्टिक खाद्य पदार्थ उगाने के लिए प्रोत्साहित करती है। इससे पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में भी सहायता मिल सकती है।
सीएसआर के माध्यम से ग्रामीण आत्मनिर्भरता पर जोर
एनटीपीसी लारा द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल पौध वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समुदायों को पोषण, कृषि और पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से भी जुड़ा है। सीएसआर के अंतर्गत किए जा रहे ऐसे प्रयासों से स्थानीय किसानों को अपने घरों और खेतों के आसपास फलदार पौधे विकसित करने का अवसर मिलता है। पौधों की उचित देखभाल और नियमित संवर्धन से ग्रामीण परिवार अपने लिए उपयोगी संसाधन तैयार कर सकते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्थानीय स्तर पर फलदार पौधों का रोपण उपयोगी पहल हो सकती है। इससे परिवारों को ताजे खाद्य पदार्थों की उपलब्धता बढ़ाने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही पौधारोपण से हरित वातावरण विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिलता है। एनटीपीसी लारा की इस पहल में पोषण सुरक्षा, सतत कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास दिखाई देता है।
कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ देगा तकनीकी मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), रायगढ़ के साथ सहयोग है। पौधों के वितरण के साथ उनके उचित रोपण, देखभाल और संवर्धन से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से किसानों को पौधों की आवश्यकताओं और उनकी बेहतर वृद्धि के लिए अपनाई जाने वाली कृषि पद्धतियों की जानकारी मिलेगी।
पौधों का सही तरीके से रोपण करना और शुरुआती अवस्था में उनकी नियमित देखभाल करना उनके विकास के लिए महत्वपूर्ण होता है। किसानों को तकनीकी जानकारी मिलने से पौधों के रखरखाव में मदद मिल सकती है। वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ने से ग्रामीण परिवार पोषण वाटिकाओं को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखने की दिशा में बेहतर प्रयास कर सकेंगे। इस तरह एनटीपीसी लारा और कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ का सहयोग पौध वितरण कार्यक्रम के प्रभाव को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
कार्यक्रम में परियोजना प्रमुख और स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित
पौध वितरण कार्यक्रम में एनटीपीसी लारा के परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर और एजीएम (मानव संसाधन) जाकिर खान सहित स्थानीय सरपंच एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता ने सामुदायिक विकास तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। किसानों को पौधे वितरित करने के साथ उन्हें पोषण वाटिका विकसित करने के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया।
स्थानीय स्तर पर इस प्रकार की पहल ग्रामीणों को विकास गतिविधियों से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में उपयोगी हो सकती है। किसानों की भागीदारी से पौधारोपण और पौधों के रखरखाव को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही कृषि विशेषज्ञों का मार्गदर्शन पौधों के बेहतर विकास और उनके दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने में मदद कर सकता है।
स्वस्थ और हरित भविष्य की दिशा में पहल
एनटीपीसी लारा की यह पहल ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास, पोषण जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। फलदार एवं पोषणयुक्त पौधों के वितरण से ग्रामीण परिवारों को पोषण वाटिका विकसित करने का अवसर मिल रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ के तकनीकी सहयोग से किसानों को पौधों की देखभाल के संबंध में मार्गदर्शन भी उपलब्ध होगा।
सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे ऐसे प्रयास स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने में योगदान दे सकते हैं। पोषण वाटिका के विकास से परिवारों को ताजे फल और पौष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने, हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता मजबूत करने का अवसर मिलेगा। एनटीपीसी लारा की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ स्वस्थ एवं हरित भविष्य के निर्माण की दिशा में प्रयास है।