₹2.56 लाख के कर्ज पर ₹10 लाख से ज्यादा भुगतान का दावा, फिर ₹5 लाख मांगने का आरोप; SP से शिकायत
कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में कथित अवैध साहूकारी और अत्यधिक ब्याज वसूली का मामला सामने आया है। नगोई/नागाई खार, नीलगिरी निवासी घनश्याम पालकर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर सुरेंद्र पटेल, चंपा देवी उर्फ चंपा बाई पटेल और नितेश पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसने करीब ₹2.56 लाख उधार लिए थे, जिसके बदले अब तक करीब ₹10.03 लाख का भुगतान कर चुका है। इसके बावजूद अतिरिक्त ₹5 लाख की मांग और परिवार को धमकाने का आरोप लगाया गया है। मामले में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा जिले में कथित अवैध साहूकारी और अत्यधिक ब्याज वसूली को लेकर एक शिकायत पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंची है। दर्री थाना क्षेत्र के ग्राम नगोई/नागाई खार, नीलगिरी निवासी घनश्याम पालकर ने आवेदन देकर सुरेंद्र पटेल, उसकी पत्नी चंपा देवी उर्फ चंपा बाई पटेल और पुत्र नितेश पटेल के खिलाफ कथित रूप से अवैध ब्याज वसूली, अतिरिक्त रकम की मांग, धमकी और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2020 से 2025 के बीच आर्थिक और पारिवारिक जरूरतों के चलते घनश्याम पालकर ने सुरेंद्र पटेल से अलग-अलग अवसरों पर कुल करीब ₹2 लाख 56 हजार की रकम उधार ली थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस रकम पर 10 प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज मांगा जाता था। आर्थिक और सामाजिक दबाव के बीच उसने कथित तौर पर मूलधन और ब्याज के रूप में लगातार भुगतान किया।
घनश्याम पालकर का दावा है कि अब तक वह कुल करीब ₹10 लाख 3 हजार 67 रुपये का भुगतान कर चुका है। शिकायत में कहा गया है कि इन भुगतानों का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से किए गए लेन-देन के रूप में उपलब्ध है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मूल रूप से ली गई रकम की तुलना में कई गुना अधिक राशि का भुगतान करने के बाद भी कथित तौर पर वसूली का दबाव खत्म नहीं हुआ।
₹5 लाख की अतिरिक्त मांग का आरोप
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि ₹10 लाख से अधिक का भुगतान करने के बावजूद सुरेंद्र पटेल, चंपा देवी और नितेश पटेल की ओर से उससे अतिरिक्त ₹5 लाख देने की मांग की जा रही है। शिकायत में दावा किया गया है कि रकम नहीं देने पर उसके और उसके परिवार के सदस्यों को कथित तौर पर धमकियां दी जा रही हैं।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ता को जान से मारने, घर और संपत्ति पर कब्जा करने तथा समाज और मोहल्ले में बदनाम करने की धमकियां दी गईं। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन कथित धमकियों और लगातार बनाए जा रहे दबाव के कारण उसका परिवार मानसिक तनाव और भय के माहौल में रह रहा है।
अन्य लोगों से भी कथित वसूली का आरोप
शिकायत में घनश्याम पालकर ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा मोहल्ले और आसपास के अन्य लोगों को भी कथित रूप से पैसे उधार देकर अत्यधिक ब्याज के आधार पर वसूली की जाती है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल शिकायत आवेदन से नहीं होती है और मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित लोगों के खिलाफ आरोपों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई करने और उसे तथा उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। अब पुलिस द्वारा शिकायत में लगाए गए आरोपों, लेन-देन के रिकॉर्ड और धमकी से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में वास्तविकता क्या है और आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाती है।