कोरबा में नवरात्र के पहले दिन बेटियों को मिली स्वच्छता और सुरक्षा की सौगात, दो ग्राम पंचायतों में बालिका शौचालय निर्माण पूरा
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और दादरकला में वीबी-जी रामजी योजना के तहत बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा हो गया है। ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजे ये शौचालय छात्राओं को स्वच्छता, निजता और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रदेश में अभियान के तहत 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
UNITED NEWS OF ASIA. कोरबा। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने वाली खबर सामने आई है। जिले की दो ग्राम पंचायतों में बालिकाओं के लिए शौचालयों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन–ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत पाली विकासखंड की ग्राम पंचायत नोनबिर्री और करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत दादरकला में ये निर्माण कार्य पूर्ण हुए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य ग्रामीण विद्यालयों में छात्राओं को स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में संचालित ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान के तहत ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। कोरबा जिले में इन शौचालयों का निर्माण पूरा होना इसी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
गुलाबी रंग और आकर्षक चित्रकारी से सजाए गए शौचालय
ग्राम पंचायत नोनबिर्री और दादरकला में निर्मित बालिका शौचालयों को आकर्षक गुलाबी रंग और सुंदर चित्रकारी से सजाया गया है। भवनों की दीवारों पर ‘मेरी बेटी–मेरा स्वाभिमान’ और ‘स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें’ जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन संदेशों के माध्यम से बालिकाओं को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और उनके आत्मसम्मान को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया है। विद्यालय की छात्राओं ने भी इन सुविधाओं के प्रति उत्साह व्यक्त किया।
छात्राओं की निजता और स्वास्थ्य के लिए जरूरी सुविधा
विद्यालयों में अलग बालिका शौचालय की उपलब्धता छात्राओं की निजता, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विशेष रूप से किशोरावस्था में ऐसी सुविधाएं बालिकाओं को असुविधा से बचाने और विद्यालय में सहज वातावरण उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। बेहतर स्वच्छता सुविधाएं छात्राओं की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में भी सहायक हो सकती हैं।
नवरात्र का पर्व नारी शक्ति के सम्मान और आराधना का प्रतीक है। ऐसे समय में बालिकाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के निर्माण की यह पहल बेटियों के सम्मान और उनके बेहतर भविष्य के संकल्प को रेखांकित करती है।
प्रदेश में 6,671 बालिका शौचालय बनाने का लक्ष्य
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 6 अगस्त 2026 को वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी–मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया था। यह अभियान 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक संचालित किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में लगभग 286.85 करोड़ रुपये की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान का उद्देश्य केवल शौचालयों का निर्माण करना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को ऐसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, जिससे वे बिना असुविधा के शिक्षा प्राप्त कर सकें और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। कोरबा की ग्राम पंचायतों में पूरे हुए निर्माण इसी दिशा में उठाया गया कदम हैं।