टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत कोंडागांव में ‘जोश टीम’ का शुभारंभ, 244 ग्राम पंचायतों के सरपंच सम्मानित
कोंडागांव में टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित जिले की 384 ग्राम पंचायतों में से 244 पंचायतों के सरपंच एवं जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। एनसीसी, एनएसएस और माय भारत वॉलंटियर्स के सहयोग से गठित जोश टीम जिले के सभी विकासखंडों में टीबी के लक्षण, जांच, उपचार, पोषण और बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगी।
UNITED NEWS OF ASIA. राज पांडे, कोण्डागांव l कोंडागांव जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने के उद्देश्य से ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित टीबी मुक्त भारत टीम के उन्मुखीकरण एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में टीबी रोग की पहचान, समय पर जांच, उपचार, पौष्टिक खान-पान और आवश्यक सावधानियों को लेकर लोगों को जागरूक करने की रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित की गई ग्राम पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया गया।
कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद कोंडागांव के अध्यक्ष नरपति राम पटेल, उपाध्यक्ष जसकेतु उसेण्डी, जनपद पंचायत कोंडागांव के उपाध्यक्ष टोमेंद्र सिंह ठाकुर और मनोज जैन प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। आयोजन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अविनाश भोई के निर्देश तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रेमलाल मंडावी, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. हरेन्द्र बघेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक भावना महलवार और जिला कार्यक्रम समन्वयक टीबी कांतेश देवांगन सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान टीबी रोग के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए ‘जोश टीम’ का शुभारंभ किया गया। एनसीसी, एनएसएस और माय भारत वॉलंटियर्स के सहयोग से गठित इन टीमों को जिले के सभी विकासखंडों में जागरूकता गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। टीम के सदस्य ग्रामीण और सामुदायिक स्तर पर लोगों को टीबी के लक्षणों की पहचान करने, समय पर जांच कराने और चिकित्सकीय उपचार शुरू करने के लिए प्रेरित करेंगे।
जोश टीम के माध्यम से लोगों को टीबी के दौरान नियमित उपचार के महत्व और पौष्टिक खान-पान के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही टीबी से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य टीबी से जुड़े भ्रम और लापरवाही को कम करते हुए लोगों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना है।
वर्ष 2025 में जिले की कुल 384 ग्राम पंचायतों में से 244 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया था। इस उपलब्धि के लिए संबंधित पंचायतों के सरपंचों और जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। उन्हें श्रीफल, गांधीजी का मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। पंचायत स्तर पर टीबी उन्मूलन के प्रयासों में योगदान के लिए जनप्रतिनिधियों की भूमिका को रेखांकित किया गया।
कार्यक्रम में वर्ष 2026 के दौरान जिले की शेष पंचायतों सहित अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को मजबूत करने से टीबी के संभावित मरीजों की पहचान और उन्हें समय पर जांच एवं उपचार से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी को अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। ‘जोश टीम’ के सदस्य गांवों और समुदायों के बीच पहुंचकर टीबी के लक्षणों, जांच, उपचार, पोषण और बचाव से संबंधित जानकारी साझा करेंगे। कार्यक्रम में पंचायत स्तर तक अभियान को प्रभावी रूप से पहुंचाने और अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।