कोंडागांव में 10.86 करोड़ की तीन सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल, अनियमितता के आरोप

कोंडागांव जिले में लोक निर्माण विभाग की सीजीआरआईडीसीएल योजना के तहत करीब 10.86 करोड़ रुपये की लागत से बनी तीन सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता जगदीश साहू ने आरोप लगाया है कि सड़कों में निर्धारित डामर की मोटाई, बिटुमिन की मात्रा और जीएसबी की चौड़ाई-मोटाई के मानकों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने प्रत्येक 50 मीटर पर कोर कटिंग, पांच सदस्यीय जांच समिति से तकनीकी जांच और जांच पूरी होने तक संबंधित भुगतान रोकने की मांग की है। लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता आशा मांडवी ने शिकायत के आधार पर जांच कराने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Oct 1, 2026 - 15:45
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कोंडागांव में 10.86 करोड़ की तीन सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल, अनियमितता के आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव जिले में लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सीजीआरआईडीसीएल योजना से निर्मित तीन सड़कों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत सामने आई है। एग्रीमेंट नंबर 51 डीएल, वर्ष 2021-22 के तहत करीब 10.86 करोड़ रुपये की लागत से बनी इन तीन सड़कों के निर्माण में निर्धारित तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता जगदीश साहू ने लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, मुख्य अभियंता और प्रमुख अभियंता के साथ मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर मामले की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।

शिकायत के अनुसार मो. फिरोज कंस्ट्रक्शन कंपनी, कांकेर द्वारा तीन सड़कों का निर्माण कराया गया है। इनमें अंतागढ़-बेड़मा मुख्य मार्ग से पड्डे मार्ग, मुक्तिधाम केशकाल से रांधा मार्ग और कांदाकोड़ो से सुखडीह मार्ग शामिल हैं। तीनों सड़कों की कुल लंबाई करीब 10.021 किलोमीटर है और इनकी कुल स्वीकृत लागत करीब 10 करोड़ 86 लाख रुपये बताई गई है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि तीनों सड़कों में बीएम और एमएसएस डामर की परतें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाई गई हैं। शिकायत के मुताबिक बीएम लेयर की निर्धारित मोटाई 50 एमएम और एमएसएस लेयर की मोटाई 28 एमएम थी। इस तरह कुल 78 एमएम डामर की परत होनी चाहिए थी। आरोप है कि मौके पर दोनों लेयर मिलाकर करीब 50 एमएम ही डामर का कार्य किया गया।

बिटुमिन की मात्रा को लेकर भी शिकायत में सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता के अनुसार बीएम लेयर में करीब 3.65 प्रतिशत बिटुमिन का प्रावधान था, जबकि लगभग 2 प्रतिशत ही डामर इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। वहीं एमएसएस लेयर में 28 एमएम की जगह करीब 15 एमएम कार्य किए जाने और निर्धारित करीब 6.50 प्रतिशत के बजाय लगभग 3.5 प्रतिशत डामर उपयोग किए जाने का दावा शिकायत में किया गया है।

जीएसबी की चौड़ाई और मोटाई को लेकर भी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार तीनों सड़कों में जीएसबी की एक लेयर 9 मीटर चौड़ाई और 15 सेंटीमीटर मोटाई के अनुसार बनाई जानी थी। आरोप है कि पूरी चौड़ाई में निर्धारित मापदंड के अनुसार कार्य नहीं किया गया।

स्थानीय ग्रामीण संतोष नेताम, महेश नेताम, प्रेम सिंह बघेल, बेलती नेताम और अन्य ग्रामीणों की ओर से भी जीएसबी मटेरियल को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायत में आशंका जताई गई है कि बिल भुगतान के बाद सड़क निर्माण में उपयोग की गई जीएसबी मेटल को साइट से वापस निकाला गया हो। इसकी मौके पर जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता ने तीनों सड़कों पर प्रत्येक 50-50 मीटर की दूरी पर कोर कटिंग कराने की मांग की है, ताकि डामर की वास्तविक मोटाई और गुणवत्ता की जांच हो सके। इसके अलावा माप पुस्तिका, निर्माण सामग्री, जीएसबी, बीएम और एमएसएस लेयर की मोटाई तथा बिटुमिन की मात्रा की तकनीकी जांच कराने की मांग की गई है।

शिकायत में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित कर ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार के लंबित भुगतान पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

तीनों सड़कों में अंतागढ़-बेड़मा मुख्य मार्ग से पड्डे मार्ग की लंबाई 2.625 किलोमीटर और लागत करीब 2.95 करोड़ रुपये, मुक्तिधाम केशकाल से रांधा मार्ग की लंबाई 3.32 किलोमीटर और लागत करीब 4.01 करोड़ रुपये तथा कांदाकोड़ो से सुखडीह मार्ग की लंबाई 4.076 किलोमीटर और लागत करीब 3.90 करोड़ रुपये बताई गई है।

लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता आशा मांडवी ने बताया कि संबंधित कार्य उनके कार्यकाल के नहीं हैं। उन्हें निर्माण कार्य में अनियमितता संबंधी शिकायत की जानकारी मिली है। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।