कोहका में रात ढलते ही कथित जुए की फड़, लाखों के दांव की चर्चा; पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
तिल्दा-नेवरा के ग्राम पंचायत कोहका क्षेत्र में देर रात से सुबह तक कथित तौर पर जुए की फड़ संचालित होने की चर्चा सामने आई है। स्थानीय स्तर पर लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि कथित जुआ स्थल एक भाजपा नेता के परिवार से जुड़े स्थान पर संचालित हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस और प्रशासन से जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठ रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोहका में कथित तौर पर देर रात से सुबह तक जुए की फड़ संचालित होने की चर्चा ने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आ रही जानकारी के मुताबिक रात करीब 10 बजे के बाद कथित तौर पर जुए का खेल शुरू होता है और सुबह तक यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि कोहका क्षेत्र में संचालित बताई जा रही कथित जुए की फड़ में बड़े पैमाने पर रुपये के दांव लगाए जाते हैं। लाखों रुपये की बोली लगने की बातें भी कही जा रही हैं। यदि ये दावे सही पाए जाते हैं, तो यह क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अवैध जुआ गतिविधियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि लंबे समय से रात के समय इस तरह की कथित गतिविधि चल रही है और बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच रहे हैं, तो संबंधित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। ग्रामीणों के बीच इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग अब पुलिस की संभावित कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कथित जुए की फड़ एक भाजपा नेता के परिवार से जुड़े स्थान पर संचालित हो रही है। हालांकि, यह केवल स्थानीय चर्चा और आरोप के स्तर पर है। इस संबंध में संबंधित भाजपा नेता, उनके परिवार या किसी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस दावे की स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
यदि वास्तव में किसी स्थान पर रात से सुबह तक जुआ संचालित हो रहा है, तो पुलिस द्वारा मौके की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना महत्वपूर्ण होगा। जुआ अधिनियम के तहत यदि कोई गतिविधि नियमों का उल्लंघन करती पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि आरोप निराधार हैं, तो जांच के जरिए स्थिति स्पष्ट होने से क्षेत्र में चल रही चर्चाओं पर भी विराम लग सकता है।
इस मामले को लेकर ग्रामीणों के बीच यह सवाल भी चर्चा में है कि क्या कथित जुआ गतिविधि प्रशासन की नजर से बाहर है या फिर इसकी जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। रात करीब 10 बजे से सुबह तक कथित तौर पर चलने वाली गतिविधि को लेकर अब पुलिस की भूमिका पर लोगों की नजर है।
फिलहाल कोहका में कथित जुए की फड़ को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में जुए की गतिविधि संचालित हो रही थी या नहीं, वहां कितने लोग शामिल थे और लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की चर्चा में कितनी सच्चाई है। स्थानीय लोगों को अब उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाएंगे।