कवर्धा में नवरात्रि पर मंदिरों के आसपास नहीं लगेंगी अंडा-बिरयानी की दुकानें, व्यापारियों ने लिया निर्णय
कवर्धा में क्वांर नवरात्रि को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने अंडा-बिरयानी कारोबारियों के साथ बैठक की। चर्चा के बाद व्यापारियों ने मंदिरों और दुर्गा पंडालों के आसपास दुकानें नहीं लगाने तथा नगर पालिका द्वारा निर्धारित अस्थायी स्थलों पर ही व्यवसाय करने का निर्णय लिया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l क्वांर नवरात्रि पर्व को देखते हुए कवर्धा में मंदिरों और दुर्गा पंडालों के आसपास अंडा-बिरयानी की दुकानें नहीं लगाने का निर्णय लिया गया है। नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने शहर में अंडा और बिरयानी का व्यवसाय करने वाले व्यापारियों के साथ बैठक कर नवरात्रि के दौरान दुकान संचालन को लेकर चर्चा की। बैठक में व्यापारियों ने पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को ध्यान में रखते हुए मंदिर क्षेत्रों के आसपास दुकानें नहीं लगाने तथा नगर पालिका द्वारा निर्धारित अस्थायी स्थलों पर ही व्यवसाय संचालित करने पर सहमति जताई।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी ने बैठक में कहा कि कवर्धा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखता है। क्वांर नवरात्रि के नौ दिनों में शहर के लोग पूरी श्रद्धा और पवित्रता के साथ मां दुर्गा की आराधना करते हैं। इस दौरान मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप बना रहे।
उन्होंने कहा कि कवर्धा को धर्मनगरी और देवभूमि के रूप में जाना जाता है। यहां मां विंध्यवासिनी, मां महामाया, मां दंतेश्वरी और मां सिंहवाहिनी सहित विभिन्न देवी-देवताओं के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं को सात्विक और शांत वातावरण में दर्शन-पूजन का अवसर मिलना चाहिए। इसी उद्देश्य से व्यापारियों के साथ बैठक कर व्यवसाय संचालन के संबंध में चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित व्यापारियों ने नगर पालिका अध्यक्ष के प्रस्ताव का स्वागत किया। व्यापारियों ने आश्वासन दिया कि नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिरों और दुर्गा पंडालों के आसपास अंडा-बिरयानी की दुकानें नहीं लगाई जाएंगी। उन्होंने यह भी सहमति जताई कि पर्व के दौरान दुकान लगाने के लिए नगर पालिका द्वारा निर्धारित अस्थायी स्थलों का ही उपयोग किया जाएगा। इससे धार्मिक स्थलों के आसपास व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
इस निर्णय का उद्देश्य नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, धार्मिक वातावरण और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना है। मंदिरों के आसपास दुकानों के संचालन को लेकर बनी सहमति से श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा-अर्चना के दौरान सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई है। साथ ही, निर्धारित स्थलों पर व्यवसाय संचालित करने से व्यापारियों के कामकाज को व्यवस्थित रखने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी के साथ पार्षद संजीव कुर्रे, एल्डरमेन राजेन्द्र सलूजा और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। बैठक में हुई चर्चा के बाद व्यापारियों की सहमति से नवरात्रि के दौरान निर्धारित स्थलों पर ही दुकानें लगाने का निर्णय लिया गया।