कवर्धा में 48 घंटे बाद खत्म हुआ किसान आंदोलन, गन्ने की बढ़ी कीमत पर बनी सहमति; नेशनल हाईवे-30 पर आवागमन शुरू

कवर्धा में गन्ने की कीमत और किसानों की मांगों को लेकर पिछले 48 घंटे से जारी आंदोलन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गन्ने की खरीदी 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने के निर्णय के बाद समाप्त हो गया। भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के बाद लिए गए फैसले के पश्चात शहर के बंद रास्ते खोल दिए गए और रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर आवागमन फिर शुरू हो गया।

Oct 10, 2026 - 18:54
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कवर्धा में 48 घंटे बाद खत्म हुआ किसान आंदोलन, गन्ने की बढ़ी कीमत पर बनी सहमति; नेशनल हाईवे-30 पर आवागमन शुरू

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l छत्तीसगढ़ के कवर्धा में पिछले 48 घंटे से जारी किसानों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। गन्ने की खरीदी 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्णय के बाद किसानों ने अपना प्रदर्शन खत्म करने की घोषणा की। आंदोलन समाप्त होते ही कवर्धा शहर के चारों ओर बंद किए गए रास्ते खोल दिए गए हैं। इसके साथ ही रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर भी आवागमन फिर से शुरू हो गया है। लंबे समय से रास्ते बंद होने के कारण परेशान हो रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।

गन्ने की खरीदी 425 रुपये प्रति क्विंटल पर सहमति

किसानों का आंदोलन गन्ने का उचित मूल्य और शक्कर कारखानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर जारी था। किसानों की मांगों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। इस चर्चा के बाद गन्ने की खरीदी 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया गया। सरकार के इस फैसले को आंदोलन समाप्त होने की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

निर्णय के अनुसार, पेराई सत्र 2025-26 में खरीदे गए गन्ने का भुगतान भी बढ़ी हुई दर के आधार पर किया जाएगा। इससे संबंधित किसानों को बढ़ी हुई दर का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है। गन्ने के उचित मूल्य और भुगतान से जुड़े मुद्दे आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल थे।

शहर के रास्ते खुले, हाईवे पर यातायात बहाल

किसानों के प्रदर्शन के दौरान कवर्धा शहर के कई प्रमुख रास्तों पर आवागमन प्रभावित था। रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर भी यातायात बाधित होने से वाहन चालकों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद रास्तों पर लगाए गए बैरिकेड हटाए गए और आवागमन बहाल कर दिया गया।

रास्ते खुलने से शहर में यातायात व्यवस्था सामान्य होने की उम्मीद है। हाईवे पर आवाजाही शुरू होने से यात्रियों, वाहन चालकों और दूसरे कामों से आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलेगी। आंदोलन के कारण प्रभावित हुए परिवहन को भी अब गति मिलने की संभावना है।

भारतीय किसान संघ ने की आंदोलन समाप्ति की घोषणा

भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद किसानों ने आंदोलन वापस लेने का फैसला किया। इसके बाद बंद रास्तों से बैरिकेड हटाए गए और वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई।

किसानों की मांगों को लेकर पिछले दो दिनों से जारी इस आंदोलन का समाप्त होना जिले के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। अब सभी की नजर गन्ने की बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया और किसानों को मिलने वाले लाभ पर रहेगी। फिलहाल आंदोलन समाप्त होने के बाद कवर्धा शहर और रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे-30 पर यातायात बहाल हो गया है।