चिरायु कार्यक्रम से तान्या के जीवन में लौटी स्फूर्ति, समय पर इलाज से हुई स्वस्थ
कवर्धा जिले के ग्राम धमकी की तान्या साहू को चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से समय पर बीमारी की पहचान और निःशुल्क उपचार का लाभ मिला। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उसके हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद चिरायु टीम ने आवश्यक चिकित्सा सुविधा के लिए मार्गदर्शन और रेफरल की व्यवस्था की, जिसके बाद तान्या का निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। उपचार के बाद अब वह स्वस्थ है और सामान्य रूप से अपनी दैनिक गतिविधियां कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l सेवा संकल्प अभियान के तहत जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के प्रयासों के बीच ग्राम धमकी की तान्या साहू की कहानी सामने आई है। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से समय पर बीमारी की पहचान होने और निःशुल्क उपचार मिलने से तान्या अब स्वस्थ जीवन की ओर लौट चुकी है। समय पर हुई स्वास्थ्य जांच ने बीमारी की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और इसके बाद उसे आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
ग्राम धमकी निवासी तान्या साहू को कुछ समय से कमजोरी, सुस्ती और थकान की शिकायत रहती थी। सामान्य गतिविधियां करते समय भी उसे परेशानी महसूस होती थी। इसी दौरान चिरायु टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक जांच की गई। जांच के दौरान तान्या के हृदय में छेद होने की जानकारी सामने आई। बीमारी की समय पर पहचान होने के बाद चिरायु टीम ने परिवार को आवश्यक चिकित्सा सुविधा के संबंध में मार्गदर्शन दिया और तान्या को आगे के उपचार के लिए रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई।
चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से तान्या का आवश्यक उपचार कराया गया और उसका निःशुल्क ऑपरेशन हुआ। उपचार के बाद उसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया। अब तान्या पहले की तुलना में काफी स्वस्थ है। उसे पहले जैसी कमजोरी और लगातार थकान महसूस नहीं होती। वह स्फूर्ति के साथ खेलती है और अपनी दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से कर रही है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार मिलने से तान्या के परिवार को भी बड़ी राहत मिली है।
तान्या की माता पूर्णिमा साहू ने बताया कि चिरायु टीम द्वारा उनकी बेटी की जांच के दौरान उसके दिल में छेद होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद समय पर उपचार की प्रक्रिया शुरू हुई और तान्या का निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। उपचार के बाद अब उनकी बेटी पहले से काफी स्वस्थ है। वह अच्छे से खेलती है और स्फूर्ति के साथ रहती है। पूर्णिमा साहू ने बेटी को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिरायु टीम और शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
चिरायु कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर गंभीर एवं जन्मजात बीमारियों की समय पर पहचान करने का प्रयास किया जाता है। जांच में किसी बीमारी की आशंका या आवश्यकता सामने आने पर बच्चों को आवश्यक जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित उपचार उपलब्ध कराना है।
तान्या की कहानी समय पर स्वास्थ्य जांच और उपचार के महत्व को दर्शाती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण से बच्चों में होने वाली गंभीर या जन्मजात बीमारियों की पहचान शुरुआती स्तर पर संभव हो सकती है। बीमारी की समय पर जानकारी मिलने के बाद उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर बच्चों को सामान्य जीवन की ओर लौटाने में मदद मिल सकती है।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने के प्रयासों के बीच तान्या को मिला उपचार इस बात को रेखांकित करता है कि समय पर जांच, उचित मार्गदर्शन और उपचार बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। चिरायु कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास स्वस्थ समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।