कांकेर के माहला गांव को बनाया जाएगा सोलर मॉडल गांव, सेवा सेतु शिविर में 72.60 लाख के विकास कार्य स्वीकृत
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित रहे माहला गांव में विकास कार्यों को गति देने की पहल की गई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित सेवा सेतु शिविर में सांसद भोजराज नाग ने गांव को सोलर मॉडल गांव बनाने की घोषणा की। शिविर में करीब 2 हजार लोगों ने ओपीडी का लाभ लिया, 50 से अधिक गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी हुई और 535 हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ मिला। पांच ग्राम पंचायतों में 72.60 लाख रुपये के नौ विकास कार्य भी स्वीकृत किए गए।
UNITED NEW SOF ASIA. रोहित देहारी, पखांजूर l छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित रहे ग्राम माहला में अब विकास को नई गति देने की पहल की जा रही है। कभी नक्सलवाद के प्रभाव से प्रभावित रहे इस गांव में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए सेवा संकल्प अभियान के तहत सेवा सेतु शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान गांव को सोलर मॉडल गांव बनाने की घोषणा की गई। शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए।
माहला बनेगा सोलर मॉडल गांव
सेवा सेतु शिविर के दौरान सांसद भोजराज नाग ने ग्राम माहला को सोलर मॉडल गांव बनाने की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य गांव में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और विकास की दिशा में नई संभावनाएं तैयार करना है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने की यह पहल ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिविर में सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रमदेव उसेंडी और कलेक्टर कुन्दन कुमार ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों के साथ आवश्यक विषयों पर चर्चा की।
मेगा स्वास्थ्य शिविर में करीब 2 हजार लोगों ने कराया उपचार
सेवा सेतु शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिविर में करीब 2 हजार लोगों ने ओपीडी का लाभ लिया। वहीं, 50 से अधिक गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। नक्सल प्रभावित रहे माहला गांव में इस तरह के मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन ग्रामीणों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। शिविर के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करने का अवसर मिला।
535 हितग्राहियों को मिला योजनाओं का लाभ
शिविर में विभिन्न शासकीय योजनाओं के अंतर्गत 535 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इसके अलावा ग्रामीणों की समस्याओं और मांगों से संबंधित 594 आवेदन प्राप्त हुए। इन आवेदनों के माध्यम से लोगों ने अपनी आवश्यकताओं और समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के साथ उनकी समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना रहा।
पांच ग्राम पंचायतों में 72.60 लाख के विकास कार्य स्वीकृत
ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए पांच ग्राम पंचायतों में कुल 72 लाख 60 हजार रुपये की लागत के नौ विकास कार्य स्वीकृत किए गए। इन कार्यों से संबंधित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण विकास को गति मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान माध्यमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए भूमिपूजन भी किया गया। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।
15 दिनों में नल-जल व्यवस्था सुधारने के निर्देश
ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के दौरान कलेक्टर कुन्दन कुमार ने नल-जल व्यवस्था से जुड़ी समस्या को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव की नल-जल व्यवस्था को 15 दिनों के भीतर दुरुस्त किया जाए। इस निर्देश का उद्देश्य ग्रामीणों को पेयजल संबंधी परेशानी से राहत दिलाना है।
माहला में आयोजित सेवा सेतु शिविर के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं, शासकीय योजनाओं, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषयों पर कार्रवाई की गई। सोलर मॉडल गांव बनाने की घोषणा और विकास कार्यों की स्वीकृति से क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाने की पहल की गई है। अब इन घोषणाओं और निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीणों को सुविधाओं का वास्तविक लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण होगा।