जनचौपाल में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रशांत देवांगन, थाना प्रभारी रेंगाखार निरीक्षक अरविन्द साहू सहित ग्राम कोयलाझोरी, बोदा-47 और घनीखुटा पंचायत के सरपंच तथा क्षेत्र के ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक को अपने बीच सहजता से बैठकर संवाद करते देखकर ग्रामीणों में उत्साह और आत्मीयता का माहौल नजर आया।
जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और आवश्यकताओं को पुलिस अधीक्षक के सामने रखा। पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुना। पुलिस से संबंधित शिकायतों के नियमानुसार निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का भरोसा दिया गया। वहीं शासन स्तर से जुड़े मामलों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई के लिए अवगत कराने की बात कही गई।
पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से क्षेत्र की जमीनी स्थिति की भी जानकारी ली। उन्होंने असामाजिक गतिविधियों, नशे से जुड़ी गतिविधियों, अवैध गतिविधियों, संदिग्ध लोगों की आवाजाही और अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अपील की कि किसी भी संदिग्ध या असामाजिक गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
संध्याकालीन जनचौपाल आयोजित करने के पीछे विशेष उद्देश्य भी बताया गया। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, दिन के समय कई ग्रामीण अपने जरूरी कामों के लिए गांव से बाहर रहते हैं और शाम तक वापस लौटते हैं। ऐसे में शाम के समय जनचौपाल आयोजित करने से अधिक संख्या में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने और क्षेत्र की वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में भी जागरूक किया गया। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल 1930 पर सूचना देने और पुलिस से संपर्क करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा महिला एवं बालिका सुरक्षा, नशे के दुष्परिणाम और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में मदद मिलती है। ग्रामीण अपने क्षेत्र की परिस्थितियों से परिचित होते हैं, इसलिए उनकी सहभागिता और समय पर मिलने वाली जानकारी अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण हो सकती है। कबीरधाम पुलिस द्वारा वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे जनसंवाद कार्यक्रमों को आगे भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।