भारत में तेजी से बढ़ी इलेक्ट्रिक कारों की मांग, सितंबर में EV बिक्री 94% उछली
भारत में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। सितंबर 2026 में देश में 35,995 इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ, जो सितंबर 2025 की 18,520 यूनिट्स की तुलना में 94 प्रतिशत अधिक है। कुल पैसेंजर व्हीकल बिक्री में इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी करीब 8.3 प्रतिशत रही। टाटा मोटर्स 14,769 यूनिट्स के साथ बाजार में पहले स्थान पर रही, जबकि महिंद्रा और JSW MG मोटर इंडिया क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
UNITED NEWS OF ASIA. भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बनी अनिश्चितता, इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते विकल्प और ऑटो कंपनियों की ओर से लगातार नए मॉडल पेश किए जाने के बीच ग्राहक अब बैटरी से चलने वाली कारों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। आधिकारिक वाहन पोर्टल से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 में देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री में सालाना आधार पर 94 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सितंबर 2026 में कुल 35,995 नई इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन हुआ। वहीं सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 18,520 यूनिट्स था। इस तरह एक साल के भीतर इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल्स की बिक्री लगभग दोगुनी हो गई। सितंबर में देश में बिकने वाली कुल पैसेंजर गाड़ियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी करीब 8.3 प्रतिशत रही। यानी पिछले महीने बिकने वाली लगभग हर 12वीं पैसेंजर कार इलेक्ट्रिक थी।
कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो टाटा मोटर्स इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। सितंबर 2026 में कंपनी ने कुल 14,769 इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहन बेचे। इसके साथ टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी करीब 41 प्रतिशत रही। सितंबर 2025 में कंपनी ने 7,353 इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री की थी। इस आधार पर टाटा मोटर्स की सालाना EV बिक्री में करीब 101 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री के मामले में दूसरे स्थान पर रही। कंपनी ने सितंबर 2026 में 7,779 इलेक्ट्रिक वाहन बेचे। पिछले साल सितंबर में महिंद्रा की बिक्री 3,972 यूनिट्स थी। इस तरह कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर करीब 96 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं JSW MG मोटर इंडिया ने सितंबर में 5,242 इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में नए खिलाड़ियों की एंट्री और बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी बिक्री में तेजी की एक बड़ी वजह मानी जा रही है। अब ग्राहकों के पास अलग-अलग बजट और जरूरत के अनुसार कई इलेक्ट्रिक मॉडल उपलब्ध हैं। एंट्री-लेवल कारों से लेकर प्रीमियम SUV तक के विकल्प बढ़ने से EV खरीदने वाले ग्राहकों का दायरा भी लगातार विस्तृत हो रहा है।
सितंबर के आंकड़ों में विनफास्ट ने 2,963 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दर्ज की। वहीं किआ ने 1,263 यूनिट्स बेचीं और कंपनी की बिक्री में सालाना आधार पर 111 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मारुति सुजुकी के इलेक्ट्रिक मॉडल्स की बिक्री भी सितंबर में 1,103 यूनिट्स रही।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान देश में करीब 1.91 लाख इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में करीब 1.02 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई थी। इस तरह पहली छमाही में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में लगभग 89 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
सितंबर की बिक्री अगस्त 2026 के मुकाबले भी बेहतर रही। अगस्त में 32,433 इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई थी, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 35,995 यूनिट्स पहुंच गया। बिक्री में लगातार हो रही बढ़ोतरी से संकेत मिल रहा है कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। त्योहारी सीजन में कंपनियों की ओर से नए मॉडल, ऑफर्स और बढ़ते विकल्पों के चलते EV बिक्री में आगे भी तेजी देखने को मिल सकती है।