ग्वालियर हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से 15 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने दुख व्यक्त किया। पीएमओ के अनुसार, मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया गया है। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य चलाया।

Oct 18, 2026 - 12:36
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ग्वालियर हादसे पर पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता

UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास शनिवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। जानकारी के अनुसार, एक बेकाबू ट्रक श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा, जिससे 15 लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।

हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। पीएमओ के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य दुर्घटना से प्रभावित परिवारों को कठिन समय में राहत प्रदान करना है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी ग्वालियर हादसे पर दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि शीतला माता मंदिर के पास बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से श्रद्धालुओं की मृत्यु की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दर्दनाक घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी शोक व्यक्त किया जा रहा है।

कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रक चीनोर की ओर से आ रहा था और ढलान पर खड़ा था। बताया जा रहा है कि रात करीब एक बजे अचानक ब्रेक फेल होने के कारण ट्रक ढलान पर लुढ़कने लगा। अनियंत्रित ट्रक पलटते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ा और दर्शन के लिए खड़े श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। इस दौरान कई लोग उसकी चपेट में आ गए। हालांकि, हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमों ने बचाव अभियान शुरू किया। ट्रक के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए क्रेन की मदद ली गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के मुताबिक, घायलों में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के दो जवान भी शामिल हैं।

यह हादसा धार्मिक स्थलों के आसपास भीड़ प्रबंधन और वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल, मृतकों की संख्या, घायलों की स्थिति और दुर्घटना के वास्तविक कारणों से संबंधित आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।