कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन और जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग दुबे के नेतृत्व में जिले की सभी 381 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता ही सेवा अभियान को जनभागीदारी के साथ संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे सामुदायिक सहभागिता और जन-जागरूकता से जोड़ना है।
ग्राम देवरी, पिटौरा और भिंभौरी में आयोजित स्वच्छता रैली के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल हुईं। महिलाओं ने हाथों में स्वच्छता संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर गांव के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण किया। रैली के माध्यम से ग्रामीणों को अपने घरों के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों, रास्तों और आसपास के क्षेत्र को साफ रखने के लिए जागरूक किया गया।
रैली के दौरान गांव के सार्वजनिक स्थलों और जलस्रोतों के आसपास विशेष साफ-सफाई भी की गई। ग्रामीणों को जलस्रोतों को स्वच्छ रखने, आसपास कचरा नहीं फैलाने और नियमित रूप से साफ-सफाई करने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर सामूहिक जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और बेहतर पर्यावरण के बीच संबंध को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई, कचरे के उचित प्रबंधन और जलस्रोतों की स्वच्छता जैसे विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान के दौरान स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता को विशेष महत्व दिया जा रहा है, ताकि स्वच्छता संबंधी गतिविधियां निरंतर जारी रह सकें।
जिला प्रशासन के अनुसार, दुर्ग जिले की सभी 381 ग्राम पंचायतों में अभियान के तहत अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। ग्रामीणों, महिला समूहों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी के माध्यम से स्वच्छता को व्यापक जनअभियान का स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम स्तर पर आयोजित रैलियां और स्वच्छता गतिविधियां लोगों को अपने आसपास के वातावरण की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
स्वच्छता रैली के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं ने यह संदेश दिया कि गांवों को स्वच्छ, सुंदर और स्वास्थ्यप्रद बनाने में प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सार्वजनिक स्थलों और प्राकृतिक संसाधनों की स्वच्छता बनाए रखने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थायी आदतों को मजबूत किया जा सकता है।
जिला पंचायत दुर्ग द्वारा स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपने गांव को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।