दीपक बैज का मोदी सरकार पर हमला, बोले- लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाई जा रही
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाया जा रहा है। बैज ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफा देने की मांग भी की। ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं, छात्रों और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। 13 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बैज ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र, निष्पक्ष चुनाव और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वाले प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है और सरकार को विरोध की आवाज सुनने के साथ उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
दीपक बैज के मुताबिक, दिल्ली में युवा, छात्र और विपक्षी दलों के लोग चुनावी व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों तथा वोट चोरी के आरोपों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग और अभद्रता की गई। बैज ने इसे लोकतांत्रिक विरोध की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए कहा कि विरोध कर रहे लोगों की मांगों पर संवाद और तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जनता के मताधिकार और निष्पक्ष चुनाव की मांग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों की जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और सरकार से सवाल पूछना नागरिकों का अधिकार है। उनके अनुसार, चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों का जवाब निष्पक्ष जांच और तथ्यों के माध्यम से दिया जाना चाहिए, न कि पुलिस बल के इस्तेमाल से।
ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। बैज ने कहा कि भाजपा सरकार ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब देने के बजाय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता के भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
बैज ने अपने बयान में कहा कि चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता को लेकर उठने वाले सवालों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से जवाब मांगते हुए कहा कि मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता आवश्यक है। हालांकि, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप कांग्रेस के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपों को साबित करने वाले स्वतंत्र जांच निष्कर्ष या आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर लगाए आरोप
दीपक बैज ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि इसके नाम पर देश के 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के नेतृत्व पर सवाल उठाए तथा कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर विषय है। पार्टी ने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया है। बैज ने आरोप लगाया कि इन मुद्दों पर सवाल उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करके उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। मतदाता सूची से नाम हटाए जाने से संबंधित आंकड़ों और इसके पीछे कथित साजिश के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस प्रेस विज्ञप्ति में उपलब्ध नहीं है।
प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग
दीपक बैज ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान युवाओं, छात्रों और आम नागरिकों की भागीदारी का जिक्र करते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार के अवरोधों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग विरोध करने पहुंचे। उन्होंने इसे सरकार के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत बताया। बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की और आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है।
उन्होंने भाजपा और ज्ञानेश कुमार के बीच कथित गठबंधन का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार के पास आरोपों का जवाब है, तो उसे तथ्यों के साथ सामने आना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र में जनता के सवालों का समाधान संवाद और निष्पक्ष जांच के जरिए होना चाहिए।
राहुल गांधी और कांग्रेस की भूमिका का किया उल्लेख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान में राहुल गांधी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सड़क से लेकर संसद तक देशवासियों के संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। बैज के अनुसार, कांग्रेस की नीति जनआंदोलनों को सुनने, संवाद कायम करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने की रही है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर विरोध के स्वर दबाने के लिए पुलिस और बल प्रयोग का सहारा लेने का आरोप लगाया। बैज ने कहा कि वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के आरोपों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वाभाविक है। कांग्रेस की मांग है कि ऐसे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाए और संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो।
लोकतांत्रिक अधिकार और निष्पक्ष चुनाव बने राजनीतिक बहस का केंद्र
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर कांग्रेस के आरोपों ने चुनावी पारदर्शिता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। दीपक बैज ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ हुए व्यवहार और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों पर जवाब देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और सवाल पूछने के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
यह पूरा मामला कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति और प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के आरोपों पर आधारित है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी और ज्ञानेश कुमार को लेकर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित आधिकारिक पक्ष और स्वतंत्र जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल कांग्रेस ने इन मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला तेज करते हुए निष्पक्ष चुनाव, पारदर्शिता और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग दोहराई है।